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परिवार की जिम्मेदारियों का ध्यान कैसे रखें?-How to take care of Family Responsibilities? in Hindi

परिवार की जिम्मेदारियों का ध्यान कैसे रखें?-How to take care of Family Responsibilities? in Hindi

हमारी Family हमारे जीवन का विभिन्न अंग है इसलिए Take care of Family Responsibilities अगर हम इसे निभाने मे कम पड जाए तो सुख, शान्ति, प्रेम और बरकत सबकुछ छीन जाता है साथ परिवार क्योंकि परिवार का हर व्यक्ति हमारे लिए मूल्यवान है।  वास्तव मे ये सभी एक दूसरे से जुड़ी कड़ियाँ है परिवार मे एक भी सदस्य असुरक्षित हो तो बाकी सबका चैन सुख-शान्ति नष्ट हो जाते है और इसी कारण बरकत भी कम हो जाती है। तो मित्रों आज हम इसी विषय पर प्रकाश डालेंगे... 


Family-Responsibilities-Hindi


परिवार के प्रति हमारा कर्तव्य-Our duty to family in Hindi 

जिम्मेदारियों को पूरी करने के लिए "हमें अपने परिवार के लिए क्या-क्या करना चाहिए?" हर रिश्ते के प्रति अपने कर्तव्य को पहचानना जरुरी होता है। जबतक हम गहराई से अपने रिश्तों को महत्व नहीं देते तब तक हम उनके प्रति कर्तव्य पूरा करने में हमे दिलचस्पी नहीं लगती। 

भूमिकाएँ और पारिवारिक जिम्मेदारी-Roles and Family Responsibility in Hindi

परिवार में हर रिश्ते प्रति अपनी अलग जिम्मेदारी होती है। जैसे रिश्ता बदल जाता है ज़िम्मेदारी भी बदल जाती है। तो चलिए देखते है हमारी Family Responsibility में किस रिश्ते  प्रति क्या जिम्मेदारी है। 

माता-पिता की जिम्मेदारी -Father-Mother Responsibility in Hindi

जबतक पेड़ की जड़ मजबूत है टहेनियाँ सुरक्षित है इसलिए एक बेटे की भूमिका Family Responsibilities में माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। हमारी उम्र बढ़ने के साथ माँ-बाप की उम्र बुढ़ापे की ओर खिसकती रहती है और अस्पताल तथा दवाओं का ख़र्चा बढ़ने लगता है, सामान्य और ग़रीब परिवारों मे इस कारण खींचातानी शुरू हो जाती है। ऐसे मे हम अपनी ज़िम्मेदारी को टाल नही सकते इसलिए बेहतर होगा की समय रहते सेहत का बीमा कराये। हम मृत्यु के भय से जीवन बिमा तो कर लेते है किंतु जिंदा रहते सेहत के लिए कुछ लागत नही लगाते। भला हो देश के प्रधानमंत्री का जिन्होंने  जन आरोग्य योजना बनाकर कहीयों की जान बचायी। ऐसे मे अपना भी कर्तव्य बनता है की समय पर सेहत बीमा कराये। कोई भी रिश्ता ठीक से निभाने के लिए Financial management करना भी ज़रुरी है।

शादी मे कोई भी रिश्ता जोड़ने से पहले लड़की वालों से हो सके तो लिखित मे ले की कुछ भी हो जाये माँ-बाप की सेवा से कोई समझौता नही होगा। क्योंकि आजकल यही बड़ी समस्या बनती जा रही है। कल तक जिनकी गोदी मे खेले, जिनकी उँगली पकड़कर चलना सिंखे नया रिश्ता उनसे हमे छिन कर उन्हे बेसहारा असुरक्षित कर रहा है। अगर बेटे के मन मे माँ-बाप के प्रति बेहद प्यार (Love) हो तो भी बहु दरार उत्पन्न करने मे अडंगा बन जाती है, झगड़ने लगती है और ऐसे मे बेटे को तनाव (Stress) का सामना करना पड़ता है। और आखिर बात कोर्ट तक पहुंच जाती है। आज ऐसे अनगिनत केसेस कोर्ट मे पडे है। इसलिए समय से पहले सावधानी जरूरी है तभी Family Responsibility में माँ-बाप के प्रति बेटे की ज़िम्मेदारी निभा पायेंगे।

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बच्चों की जिम्मेदारी -Children Responsibilitiy

बाल रूप भले ही भगवान का माना जाए  किंतु एक पिता के Role मे उनकी हर क्षण जिम्मेदारी बढती जाती करना हमारी  हेती है इसलिए बच्चे के पैदा होने के 9 महीने के दौरान उसकी देखभाल को लेकर बारीक़ से बारीक़ ज्ञान की जानकारी लेना जरूरी है! वो फिर डायपर बदलने का हि क्यों ना हो।

 Children को एक साइड सुलाने से सिर का आकार  बनने की बजाए चपटा हो जाता है और शारीरिक सुंदरता हमेशा के लिए खो जाती है, ऐसी बहुत सारी बातें है जिसपर ध्यान देना जरूरी होता है, एकबार शिशु अवस्था से सुरक्षित उसे बाल अवस्था तक ले गये समझो 50% लड़ाई  चुके हो। बाल अवस्था मे पानी, गरम चीजें, बिजली, ऊंचाई और मुंह मे डाल रहे चीजें इन सबसे सुरक्षित रखना बड़ी  ज़िम्मेदारी है इसके लिए पुरूषों को कभी घर की स्त्री को अपनी स्वयं सेवा मे व्यस्त नही रखना चाहिए, ऐसे समय मे कभी खाना ठीक से ना बना हो तो भी डांट डपट नही करना चाहिये ऐसी कोई भी गतिविधि नही करनी चाहिये जिससे स्त्री दबाव मे आयें और बच्चों पर का ध्यान कम हो। जबतक हम घर मे है खुद भी ध्यान दे और बार-बार बच्चे की सुरक्षा को लेकर सचेत करवाते रहे, सूचनाएँ  देते रहे। जैसे पानी से भरा बकेट, गरम चीजें ज़मीन पर ना रखे आदि... 

अब आती है संस्कारों की बारी तो बच्चों की देखभाल करना बहुत बड़ी Family Responsibilities है। घर मे सबसे ज्यादा और सबके लिए काम करनेवाली पत्नी ही होती है।

एक आम बात यह है की बहुत सी Women ( स्त्री ) को मासिक धर्म के कारण और ज्यादा काम के कारण शरीर मे हमेशा हीमोग्लोबिन (HB) कम होते रहता है, जिसके कारण कमर दर्द पीट दर्द और पैर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मे हमारी जवाबदेही बनती है की उनके HB का स्तर संतुलित रखे। इसके लिए डॉक्टर की सलाह लेकर पालक जैसी सब्ज़ियाँ, मुंगफल्ली और गुड आदी खिलाना आवश्यक होता है। इसके साथ उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए जितना हो सके उनके मनोरंजन और शौक का खयाल रखना भी जरूरी है| उनकी मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है! अगर वो तनाव मुक्त रहे तो घर मे सबकी सुख-शांति बनी रहेगी।

जवान लड़के लड़की की जिम्मेदारी  -Young boy girl Responsibility in Hindi

भारत का ज्यादातर मौसम उष्ण होता है और Global warming से ये और भी गर्म हो गया है यही कारण है की पहले के मुकाबले अभी बच्चे कम उम्र मे हि Mature हो रहे है और जब कोई लड़का-लड़की जवान हो जाये तो उनको सभी प्रकार के उचित ज्ञान की आवश्यकता होती है। जैसे यौन, प्रेम, नशा, व्यवहार, सही-गलत आदी। इसलिए हमारी जवाबदेही होती है की उनको कोई नशे की लत ना लगे इसपर ध्यान और समझ देते रहे| आजकल शारीरिक आकर्षण को गहरा प्यार समझने की और इच्छापूर्ति  के बाद ब्रेकअप नाम का ट्रेंड बहुत जोरों पर है| इसलिए Young boy girl को सही से  यौन ज्ञान देना हमारी जिम्मेदारी है। व्यवहार मे कमाई और ख़र्चा इस बारे मे गंभीरता से कदम बढ़ाने को सिखाना होगा तभी जाकर उनके भविष्य को सुरक्षित कर पायेंगे।

बाकी सुरक्षित और सजग परिवार मे ही सुख-शान्ति और प्रेम बना रहता है जिसके कारण प्राकृतिक रूप से आपने आप बरकत चली आती है उसके लिए कोई अलग से जादू टोटके करने की आवश्यकता नही होती। केवल Take care of Family Responsibilities बहुत ज़रुरी है। अपने कर्तव्य पूर्ण करके "परिवार को कैसे खुश रखे?" इसका चिंतन करते रहे। 

आशा करता हुँ की आपको Hindi Hints डॉटकॉम की यह पोस्ट ज़रूर पसंद आयी होगी। और विश्वास भी है की ज़रूर नीचे कमेंट मे अपनी राय लिखेंगे। ध्यान पूर्वक पूर्ण पोस्ट पढने के लिए दिल से धन्यवाद!

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