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राजनीति कैसे करें?-How to do Politics? in Hindi

राजनीति कैसे करें?-How to do Politics? in Hindi

मान लो हमारी शून्य पहचान है, और पूरे खानदान मे किसी की राजनैतिक पृष्ठभूमि नहीं है फिर भी हमे राजनीति मे प्रवेश करना है तो क्या करना होगा? वो कौन सी बातें है जो हमारे पास होनी चाहिए? जिससे राजनेता बन सकेंगे? आओ आज जानते है कि राजनीति कैसे करें? -How to do Politics? in Hindi


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राजनीति शुरू कहां से करे?-Where to start politics?

आजकल बहुत सारे लोग खुद का Birthday मना के, बैनरबाजी करके पोस्टर लगवा के, 10-20 लोगों से खुद को दादा बुलवा के अपना राजनैतिक भविष्य (Political future) बनाने की सोच रखते है। किंतु यह टोटका 99% फेल है क्योंकि 2-4 एकड़ खेत बिकने के बाद जब उनका का धन खत्म हो जाता है तो लोग भी पिछे से हट जाते है। और शिवाय बीवी बच्चों के गालियों के कुछ नहीं बचता। 

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इसलिए मेरी सलाह मानो, अगर Politics करना ही है और धन या कोई पूर्व पृष्ठभूमि नहीं है तो राजनीति की शुरूआत समाज सेवा से कर सकते हो। क्योंकि सत्ता की कुर्सी का कर्तव्य ही होता है समाज सेवा करना। देश के कुछ राजनेताओं को देख लो, आज उनकी हस्ती समाज सेवा की बुनियाद पर ही खड़ी है। पैसों से बिकती वोटिंग के बीच वर्तमान मे कार्यकर्ता बनकर, कठिन परिश्रम से समाज मन मे अपने प्रति भाव जागृत करना, और चुनाव जीतना, आसान नहीं है। किंतु नामुमकिन भी नही है। क्योंकि राजनीति मे पैसा सबकुछ नही होता।

समाज मन मे अगर कोई व्यक्ति बैठ जाए तो अच्छे-अच्छों को पलटी बैठ जाती है। आप देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी (Narendra Modi ji )को ही देख लो ना उनके पास धन था ना कोई राजनैतिक वारसा। या फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवालजी को देख लो हर पार्टी मे कोई ना कोई मिलेगा जो समाज सेवा से राजनीति मे उपर उठा है। समाज की सेवा Politics के लिए कठिन परन्तु सरल मार्ग है। 

समाजसेवी कैसे बने?

वैसे तो समाजसेवी बनने का गुण किसी-किसी मे जन्म जात होता है। किंतु हमको अगर समाजसेवी बनना है तो, सबसे पहले समाज की उन ज़रूरतों की लिस्ट बना लो, जिनको पुरी करने के लिए हमारा केवल समय लगे, धन नही। 

जैसे लोगों को जानकारी कम होने कारण भ्रष्ट कर्मचारी (Corrupt Employee) पैसों के लिए आम जनता के काम रोक देते है। वहां आप उस भ्रष्ट व्यक्ति को कानूनी पाठ पढ़ाकर आम जनता के काम करवा सकते हो। सरकारी ऑफ़िसों मे जान-पहचान बनाते जाओ, और काम करवाते जाओ, आम जनता कि सेवा वहीं से शुरू होती है। आम जनता बिजली, पानी और रास्ते इन तीन बातों से हमेशा परेशान रहती है। इनकी अपूर्ती के लिए आंदोलन खड़े कर सकते हो। इसके अतिरिक्त बहुत सारे छोटे-छोटे Problems है जिसमे आम नागरिक को न्याय नही मिलता। वहाँ आप उनके पक्ष मे निस्वार्थ खड़े हो जाओ। 

एक बात जरूरी है कि Politics मे जाने के लिए हमारे पास धन नहीं है तो, समय होना बहुत जरूरी है। किसी की मयत मे जा कर मदद करना, किसी के शादी मे जा कर मदद करना, ये भी समाज सेवा ही है। इतना ही नही किसी के बेटी के लिए वर ढूंड कर अच्छे घर मे रिश्ता पक्का करवाना। ये काम भी समाज सेवा का हिस्सा है। क्योंकि लोग उनको ज़रूर याद रखते है। जो मुसीबत के समय मदद करे। 

एक राजनीतिक नेता के गुण-Qualities of a political leader

 Politics Enter अर्थात राजनीति मे प्रवेश करने के लिए कुछ गुण या तैयारी होना बहुत जरूरी है जो मैं आपको नीचे बता रहा हूँ। 

बल और छल प्रयोग

राजनीति की पहले कदम मे बल और छल दोनों का साथ होना जरूरी है। इसके शिवाय राजनीति मे प्रवेश ही बेकार है। क्योंकि इतिहास साक्षी है जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग कर के विरोधियों की हड्डियाँ तोड़नी पड़ती है। और समय पलट जाए तो छल प्रयोग कर के, विरोधियों के पैर पकड़ने पड सकते है। राजनीति मे दोस्ती और दुश्मनी कभी स्थायी नहीं होते। 

धन का प्रयोग

नेता बनना है तो चमचे पालना जरूरी होती है। निष्ठावान कार्यकर्ता बहुत कम मिलेंगे जो घर की रोटी खाकर भी आप के हित मे समय और सेवा का योगदान देंगे। लेकिन 2-4 लोगों से राजनीति नही चलती। इसलिए पैसों पर चमचे भी पालने पड़ते है। आजकल वोटर भी पैसों के धुन पर ही नाचते है। इसलिए धन भी राजनीति का अभिन्न अंग है। कभी-कभी विरोधियों को भी अपने पक्ष मे करने के लिए धन Money लगाना पड़ता है। 

चालाकी या दांवपेच का प्रयोग

ठगों का सबसे बड़ा अस्त्र होता है चालाकी। और  Politics मे ठगी करना हो तो चालकी का गुण होना जरूरी है। जैसे झूठ को सच दिखाने की चालाकी, या सच को झुट दिखाने की चालाकी, हो विरोधीयों पर जूठे आरोप जड़ कर सच दिखाने का दांवपेच, या खुद पर लगे आरोपों को खारिज करने की चालाकी। राजनीति मे यह गुण बेहद जरूरी है। वरना प्रतिस्पर्धी सत्ताधारी हमारी दुकान जल्दी ही निपट सकते है। 

भितरघाती गुण

राजनीति के गंदगी ( Dirty politics) का कुछ हिस्सा अपने पास भी होना आवश्यक है। वरना हमे आगे कोई नही बढ़ने देता, इसलिए भितरघाती गुण अपनाना जरूरी है। दूसरों को किनारे लगाने के लिए यह गुण राजनीति मे बहुत आवश्यक है। जिस थाली मे खाया उसी मे छेद करने मे पारंगत हो तो अपने  Senior politician को भी कुचल कर आगे बढ़ने मे कामयाब हो सकते है। भितरघाती व्यक्ति राजनीति सीढीयाँ आसानी से चढ़कर बुलंदियों पर पहुँचने मे देर नहीं लगाता। 

मौका परस्‍ती

अगर आप के पास सबकुछ है और यह गुण नहीं है तो आप राजनीति की सोचना भी मत, क्योंकि राजनीति मे मौके पर लड्डु को बम और रस्सी को सांप बताने की कला होना जरूरी है। कभी-कभी गधे को भी बाप बनाना पड़ता है। और कभी बाप को भी लताडना पड़ता है। 

बेशर्मी का गुण

थुंक कर चाटना मतलब बेहद बेशर्मी वाला गुण राजनीति का अनमोल गहना है। जनता के सामने कल भाषण मे जिसको गालियाँ बकी, बदनाम किया आज उसी के थाली मे खाना और एक गाड़ी मे घूमना ये सब आना चाहिए। तथा धर्म, जाती और लाशों पर भी राजनीति करने का निर्लज्जम साहस बेहद जरूरी है। एक कहावत है दुनिया जाए भाड़ मे हम अपनी जुगाड मे... अर्थात राजनीति की दौड़ मे खुद को आगे रखने के लिए बेशर्मों की तरह किसी भी हद तक लज्जा त्यागना होता है। 

तो यह थे राजनीति मे आवश्यक गुण अब एखाद जरूरी अच्छे गुण की आवश्यकता पर भी नजर डालेंगे जो राजनीतिक सफलता मे काम आयें। 

 राजनीतिक सफलता का मूल मंत्र

राजनीति मे पैसों के साथ प्रतिष्ठा भी मिलती है। इसलिए हर कोई इसकी ओर आकर्षित होता है। और Politics में प्रवेश चाहता है।  किंतु राजनीति मे सफलता मिलना कोई खेल वाली बात नही है। क्योंकि राजनीति मे संस्कार संभालते हुए गंदे पेंच लडाने पड़ते है। उसके लिए हमेशा नैतिकता को भी गिरवी रखना पड़ता है। तब जाकर आगे बढते है। लेकिन ऐसा कोई तो मूल मंत्र होगा जो बेहद जरूरी है राजनीतिक सफलता के लिए? 

हाँ है ज़रूर है, राजनीति मे सफलता का मूल मंत्र है "विनम्रता", राजनीति को लोग इतना तुच्छ समझते है लेकिन राजनीति मे राजा वही व्यक्ति बन सकता है जिसके पास विनम्रता का गुण हो। जी हाँ  मैं कोई अध्यात्मिक प्रवचन नहीं दे रहा बल्कि ये १००% सत्य है। नाम से बदनाम राजनीति विनम्रता के आधार पर ही चलती है। इसमे अहंकार का लेश मात्र भी नही चलता 

राजनीति में जिनके पास विनम्रता है वही लोकप्रिय बनकर मतदातान (Voters) का दिल जीत सकता है। और जिसने दिल जीता वही कुर्सी पर विराजमान हो सकता है। उसी के पास धन और प्रतिष्ठा दोनो आते है। 

देखा गया है की कुछ राजनेता शुरू मे बहुत विनम्र होते है। लेकिन जैसे ही धन आ जाता है वह अहंकार मे चला जाता है। बाकी जनता को तुच्छ समझता है। और इसी कारण एक दिन उसका राजनीतिक पतन होता है। क्योंकि जनता एकबार रूठ जाए तो पैसों से वोट खरीद कर चुनाव जीतने वाले को भी कुर्सी से पटक देती है। 

राजनेता हि नही बल्कि उसकी पत्नी बच्चे और परिवार के सभी लोगों मे विनंम्रता होगी तो वो लंबे समय तक राजनीति मे आगे बढ़ सकता है। चाहे किसी वोटर का काम करें या ना करें किंतु विनंम्रता से बात करे तो वो बहुत खुश रहता है। 

आशा करता हूँ मित्रों Hindi Hints की ये राजनीति कैसे करें? -How to do Politics? in Hindi पोस्ट आपको जरूर पसंद आयी होगी। आप अपनी रे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखना ना भूले। लेख पूरा पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद!

नोट : इस लेख में गन्दी राजनीति (Dirty Politics) के बारे में लेखक ने अपनी रे बताई है, हो सकता है कुछ स्वच्छ चरित्र से राजनीति चला रहे हो, या चलना चाहते हो, उनके लिए लेखक की राय भिन्न हो सकती है। 

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