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बेरोजगारी की समस्या 2021 - Unemployment Problem 2021 in Hindi

बेरोजगारी की समस्या 2021 - Unemployment Problem 2021 in Hindi

Year 2021 में Unemployment Problem बहुत ही गहरी होती जा रही है। इसके पहले बहुत से लोगो ने प्रकाश डाला है लेकिन देश और के किसी भी  सरकार को इसे १००% में अबतक सफलता नहीं मिली। अब बेटा बड़ा हो गया है शादी करनी है लेकिन पत्नी संभालने के लिए उसके पास रोजगार नहीं है जैसे-जैसे समय और उम्र बढ़ती जाती है मां-बाप और बच्चों के लिए यह समस्या और भी गहरी होती जाती भारत में बेरोजगार की समस्या 2021 मे उतनी ही बनी है जितनी पिछले 50 सालों से है। 


Unemployed-Problem-in-Hindi

बेरोजगारी के मुख्य कारण-Main reasons for Unemployment

बेरोजगारी के लिए निम्न चार मुख्य कारण है। 

पहला मुख्य कारण 

मुख्य कारणों में से सबसे पहला मुख्य कारण है। बढ़ती अनियंत्रित लोकसंख्या इसके लिए आम जनता जिम्मेदार है। हर दिन नये बच्चे मतलब नये रोजगार माँगने वाले पैदा होना। 

दूसरा मुख्य कारण

दूसरे मुख्य कारण मे है आधुकनिकता सभी क्षेत्रों मे यंत्र सामग्री, मशीनों की आना मतलब कारीगरों के हाथ का रोजगार छीनना। ज़रूर मशीन और बिजली के दम पर कुशल और अधिक काम होता है, किंतु इसने करोडों लोगों का रोजगार छिना है। 

तीसरा मुख्य कारण

तीसरा मुख्य कारण है देश की शिक्षा पद्धति। वर्तमान भारतीय लॉर्ड मेकॉले की शिक्षा पद्धति भारत के युवाओं के दिमाग में गहराई से उतर चुकी है, इसीलिए पढ़ा-लिखा कोई भी युवक पारंपरिक उद्योग-व्यवसाय को तुच्छ मानकर चल रहा है, डिग्री  हासिल करने वाला हर युवक आराम कुर्सी वाली Government Job की ही मांग कर रहा है। जो सबको दे ना नामुमकिन है। इसीलिए भी Unemployed Problem बढ़ रही है। 

चौथा मुख्य कारण 

अब तो स्त्री-पुरूष समान अधिकार का कानून चल रहा है तो उसमे पुरूषों के रोजगार के अवसर भी महिला भी छिन रही है, क्षमा करें मैं इस कानून के विरोध मे नहीं हूँ। लेकिन विचार किया जाए  तो एक पुरूष एक पुरा परिवार संभालता है जिसमे माँ, बहन, बेटी और पत्नी आदी स्त्रीयाँ आती है। लेकिन वही रोजगार इनमें से किसी एक स्त्री को दे दिया जाए तो पुरूष क्या करें? स्त्री जैसी कुशलता से घर संभाल सकता है? प्रकृति की रचना के विपरीत यह कार्य नहीं लगता? मातृत्व संभालकर स्त्रीयाँ रोजगार क्षेत्र मे पुरूषों जितनी सेवा दे पायेंगी? देश मे पढ़े-लिखे कितने बेरोजगार युवा तरस रहे है। और कितने सारे घरों मे पती-पत्नी दोनों को सरकार ने नौकरी दियी है। जहाँ दो परिवार चलने थे वहाँ एक परिवार ने ही दो रोजगार के अवसर छिन लिया तो कम रोजगार अवसर के चलते यह विसंगती बहोत महंगी पडती जा रही है। इसके अतिरिक्त अर्ध और पूर्ण बेरोजगारी के और भी बहुत से कारण है। 


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बेरोजगारी प्रकार कौनसे है?- Who is the Unemployment type?

वैसे तो बहुत सारे बेरोजगारी के प्रकार है लेकिन हम कुछ प्रमुख प्रकारों पर प्रकाश डालेंगे जैसे कि... 

* सामान्य बेरोजगारी

यह वह बेरोजगारी है, जिसमें व्यक्ति काम करने के लिए तैयार तो है लेकिन काम बिल्कुल उपलब्ध नहीं होता। 

* अर्ध बेरोजगारी 

जिस बेरोजगारी मे व्यक्ति को काम तो मिलता है, लेकिन उसकी कुशलता और क्षमता के अनुरूप नही होता।  मतलब वह 8 घंटे मे अगर जितने दाम का काम कर सकता है, मजबूरी से उसे उससे काम या आधे दाम में करना पड़ता है। जैसे किसी ऑफिसर को क्लार्क की जगह पर, मैनेजर को वर्कर की या ठेकेदार को मज़दूर का काम करना पडे... उसी को अर्ध बेरोजगारी कहते हैं। 

* अक्षमता वाली बेरोजगारी

कोई व्यक्ति अगर काम करने में सक्षम नहीं है, अर्थात मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग है इस स्थिती को अक्षमता वाली बेरोजगारी कहा जाता है। 

* मौसम अनुसार बेरोजगारी

इस बेरोजगारी मे ज्यादातर किसानों का क्रम आता है, क्योंकि भारत की खेती मौसम अनुसार ही चलती है, इसलिए साल के 4-6 महीने ही किसान काम पर रहते है, और बाकी के दिन बेरोजगार बैठे रहते है। 

* सुशिक्षित बेरोजगारी

उच्चशिक्षीत होकर भी शिक्षा के उपयोग अनुसार कोई काम ना मिलना, इसे Problem of Unemployment  कहा जाता है। 

शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है?

भारत मे आंग्रेजों द्वारा प्रचलित लॉर्ड मेकॉले की शिक्षा पद्धति आज भी भारत में लागू है। जिसके कारण देश का हर पढ़ा-लिखा व्यक्ति सरकारी ग़ुलाम बनकर काम करने के लिए तरसता है। इस शिक्षा पद्धति से कुशल कारीगर और पारंपरिक व्यावसायिक कभी नहीं बनते, तथा मनुष्य के काम करने की क्षमता भी कम होती जाती है। और बस सरकारी नौकरशहा बनने के सिवाए उसके लिए कुछ पर्याय नहीं बचता। इसीलिए शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक बड़ी और विशेष समस्या बनकर रह गई है। 

बेरोजगारी के परिणाम क्या है?

What is the result of Unemployment?

बेरोजगारी का परिणाम व्यक्ति के शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य पर तो होता ही है। लेकिन उसके परिवार के उदर-निर्वाह, भरण-पोषण पर भी गहरा परिणाम होता है। और जब ऐसे बेरोजगारों की संख्या बढती है, तो राष्ट्र की उन्नति पर उसका सीधा असर होता है। देश मे गरीबी बढ़ने का मुख्य कारण बन जाती है। बेरोजगारी तथा गुनहगारी की समस्या को भी बेरोजगारी से बढावा मिलता है। यूँ कहो दूनिया के हर पहलु पर "बेरोजगारी के प्रभाव" का आसर होता ही है। 

बेरोजगारी कैसे दूर होगी?-How will Unemployment go away?

अब हम बेरोजगारी के बारे मे थोड़ा-बहुत समझ चुके है इसके बाद जानेंगे "बेरोजगारी की समस्या का निवारण क्या है?" 

"लोक संख्या नियंत्रण" बेरोजगारी निवारण का पहला उपाय है। अगर आज से Population control program तेजी से चलाया जाए तो, इसके परिणाम तुरंत ना सही लेकिन 15-20 के बाद ज़रूर देखेंगे। 

वर्तमान की शिक्षा-पद्धति को औद्योगिक शिक्षा-पद्धति में परिवर्तन करने पर पुरा ज़ोर देना होगा। जिस में  Practical और Theoretical दोनों प्रकार का ज्ञान दिया जाए। तभी युवाओं के काम करने की क्षमता भी बढ़ेगी, और आराम की नौकरी ढूंढना बंद कर देंगे। 

सरकार को लघु उद्योगों को लोन देकर बढावा देना होगा। तथा उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराने के साथ पक्के माल को उचित दाम पर खरीदने की गारंटी भी लेनी होगी। यह काम वो बड़ी आसानी से सहकारी संस्थाओं  द्वारा उपलब्ध करवाया जा सकता है। 

 Skill development program बहुत ज्यादा ज़ोर देना होगा, ताकी देश का हर युवा सक्षम बने। और पुरूषों के साथ स्त्रीयों को भी रोजगार का समान अधिकार प्राप्त कराने मे कोई तकलीफ़ नही होगी। तथा Unemployment Problem 2021 को बड़ी आसानी से मात दे सकेंगे। 

आशा करता हूँ की आपको Hindi Hints का यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा, अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स मे लिखना नही भूलना तथा दिल से पढने के लिए दिल और जान से धन्यवाद! 

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