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First Love marriage सफल कैसे करे?

First Love marriage सफल कैसे करे?


मित्रों कभी-कभी किसी विषय को समझने और उसका समाधान ढूंढने के लिए उसके Negative बाजूओं के बारे मे सोचना और समझना बहुत जरूरी होता है। इस लेख मे हम First Love marriage सफल कैसे करे? इस प्रश्न का हल  ढूंढने के लिए उसकी विपरीत बाज़ू  प्रेम विवाह सफल क्यों नही होते? इसपर पहले प्रकाश डालेंगे। इससे फायदा यह होगा की जिनको भी प्रेम विवाह करना है, वह ये लेख पढ़कर सावधान हो जायेंगे। तथा उसपर समाधान भी निकालेंगे और आपने प्रेम विवाह को सफल बनाने मे कामयाब होंगे। तो चलिए शुरू करते है की प्यार करने वालों की शादी सफल क्यों नही होती? 


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प्रेम विवाह सफ़ल क्यों नही होते?-Why do Love marriages not Succeed?

भारत मे केवल 5 से 10% प्रेम विवाह होते है। और उसमे भी बहुत कम First Love marriage टिक पाते है। क्योंकि आज के जमाने मे "स्वार्थ" हर क्षेत्र की तरह पवित्र प्यार मे भी घुस गया है। इसलिए सच्चे प्यार कि नैतिकता का पतन हो चुकी है। सच कहो तो सच्चा प्यार होना अब लगभग बंद हो गया है। हीर-रांझा, सोनी-महिवाल, लैला-मजनू , सलीम-अनारकली कितने प्यार इतिहास मे अमर हो गये। केवल अपनी सच्ची मोहब्बत और एक दूसरे के लिए समर्पण भाव के कारण। किंतु वर्तमान लड़का-लड़की आज केवल शारीरिक आकर्षण को ही प्यार समझ बैठने की भुल करते है। जबतक तन की प्यास पुरी तरह बुझ ना जाये, और मन भर ना जाये, एक दूसरे को लगता है कि हम सच्चा प्यार करते है। एक दूसरे के बिना जी नही सकेंगे। और यही कारण बन जाता है First Love marriage का। फिर इसमे माँ-बाप की मर्ज़ी का भी खयाल नही किया जाता। और किसी तरह संपन्न हो जाता है। 

इस बीच एक दूसरे की अपेक्षायें एक दूसरों की बुरी आदतें इनको नजर अंदाज़ किया जाता है। आकर्षण के कारण इसपर सोचा ही नही जाता, और जब एक दो साल पती पत्नी के रूप मे एक साथ रहकर तन की प्यास धीरे-धीरे बुझने लगती है। मन भर जाता है, और एक दूसरे के प्रति आकर्षण (Attraction) कम होते जाता है। तब जाकर धीरे धीरे एक दूसरे के स्वभाव पर ध्यान चला जाता है।,और ख़ामियाँ खटकनी शुरू हो जाती है। अपेक्षाओं की बात होती है, जो पुर्ण करने मे साथीदार असमर्थ जान पडता है। तो दोनो मे झगड़े शुरू हो जाते है।

उदाहरण लिया जाए तो मान लो लड़की के अच्छा खाना बनाने नही आता, माँ के हाथ का स्वाद लड़के को नही मिलता, इसलिए वो एडजस्ट कर-कर के एक दिन उब जाता है, और चिल्ला पड़ता है ये सब्जी कैसी बनायी हो? या इन कपड़ों का मैल तो निकला ही नही? तो लड़की भी कम नही होती, उसी टोन मे जवाब दे देती है। क्योंकि वो पहले ही  माँ-बाप के मर्यादाओं को तोड़ चुकी है। अपने निर्णय की खुद मालिक बन चुकी है। तो फिर पती से क्या डरेगी? पाल पोसकर बड़ा करनेवालों का मान नही रखा तो उसका या उसके मां-बाप का क्या रखेगी? फिर टकराव शुरू हो जाता है। एक दूसरों मे ढेर सारी बुराइयां दिखने लगती है, और बढते-बढते बात कोर्ट कचहरी तक पहुँच जाती है। उस दोनों का प्यार मोहब्बत सब फुर्र्ररर हो जाते है। 

बाकी बचती है तो सिर्फ शिकायतें। और एक-दूसरे की बुराईयां दोनों को समाज मे अन्य स्त्री-पुरूष अपने साथीदार से अच्छे लगने लगते है। ऐसे मे कोई दूसरा सहारा देनेवाला या देनेवाली मिल जाये तो चिपक जाते है। उसके साथ दू:ख शेअर करते-करते उसी के हो जाते है। और पुराने साथी से Divorce ले लेते है, या फिर मां-बाप की शरण मे जाकर फिर से Arranged Marriage कराने की बिनती करते है। मां बाप आखिर मां बाप होते है, जो बच्चों की हर ग़लती को माफ़ करते है। उनसे बच्चों का दू:ख देखा नही जाता। और फिर जो प्रेम विवाह मे संतुष्ट नही रह पाये वह दूसरे साथीदार से अंत तक निभायेंगे इसका भी कोई भरोसा नही होता। तो मित्रों यहीं ठोस कारण है World First Love marriage से लेकर अब तक के Love marriage Unsuccess होने के। अब प्रेमी युगल समझ गये होंगे कि आपने प्यार को सफल बनाने के लिए कौन-कौनसी बातों का ध्यान रखना होगा। 

अब हम जानते है First Love marriage के फायदे और नुकसान क्या है ता की और ज्यादा समझदारी से काम ले सकेंगे। 

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प्रेम विवाह के फायदे-Love marriage Benefits in Hindi

प्रेम विवाह का सबसे पहला फायदा यह है की लड़का लड़की एक-दूसरे को पहले से जानते है। इसलिए वो आपने जीवन साथी के चुनाव को लेकर तनाव मे नहीं रहते। इसलिए यह विवाह अगर दोनों के मां-बाप की मर्ज़ी से हो जाए  तो बडी खुशी की बात होगी। ना लड़की वालों को दहेज़ कि फ़िक्र, ना लड़के वालों का मान सम्मान की चिंता। दोनो पक्ष लड़का-लड़की की खुशी के लिए सबकुछ एडजस्ट कर लेते है। 


लव मैरिज के नुकसान-Loss of First Love marriage in Hindi

प्रेम विवाह असफल हो जाये तो जिंदगी का सत्यानाश हो जाता है। शादी अगर दोनों के मां-बाप के मर्ज़ी के बिना हो तो दोनों परिवारों कों बेहद तनाव का सामना करना पड़ता है। खास करके लड़की की छोटी बहने अगर हो तो उनकी शादी मे बाधा पैदा होती है। प्रेम विवाह मे अगर जाती धर्म आड़े आ जाये तो उससे दो परिवार नहीं बल्कि पुरे समाज मे टकराव की संभावना बन जाती है। खास कर गावों मे ये बातें बड़ा जोर पकडती है। लड़का-लड़की अपने जन्मदाता मां बाप को समस्या मे डाल कर खुद भी सुखी नहीं रह पाते। और समाज की बड़ी अलोचना का सामना करना पड़ता है। शादी अगर Interracial हो तो भविष्य मे पैदा होने वाले बच्चों के शादी की बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है। भारतीय कल्चर मे प्रेम विवाह के फायदे से ज्यादा नुकसान ही देखे गये है। इसलिए सोच समझकर कदम उठाये! 

अंत मे यही कहना चाहूँगा की Hindi Hints के इस लेख मे हमने देखा की 90% प्रेम विवाह कुछ ठोस कारणों से असफल होते है। हम ने उपर प्रेम विवाह के असफल होने के कारण भी देखे है। वास्तव मे विवाह एक ऐसा बंधन है जो जीवन की दिशा और दशा दोनों को पलट देता है। इसलिए भारत के संस्कृति और संस्कारों के मुताबिक 90% लड़का-लड़की अपने माँ बाप के ही मर्ज़ी से शादी करते है। क्योंकि उनको पता है हमारे अच्छे बुरे की पहचान हमसे ज्यादा हमारे मां बाप को होता है। ऐसी कितनी लडाका-लडकियाँ है जो प्यार होने पर भी शादी अपने मां-बाप के मर्ज़ी से करते है। दुनिया उसे बेवफ़ा नाम देती है। फिर भी कुछ ऐसे सच्चे प्रेमी होते है जिनके सच्चे प्यार को महत्व देना समाज कि जिम्मेदारी है वरना वह एक-दूजे के बिना जी नहीं सकते। 

आशा करता हूँ की आप को यह First Love marriage सफल कैसे करे? लेख पसंद आया होगा। एक बिनती है की दो लाइन ही क्यों ना हो आपकी राय कमेंट बॉक्स मे ज़रूर लिखिये! पढने के लिए दिल से धन्यवाद!

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