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Global warming से दुनिया का विनाश

हम इस लेख मे समझ लेंगे की Global warming से दुनिया का विनाश कैसे हो रहा है? प्रदूषण से बढ़ रहा जागतिक तापमान और उससे हो रहा जलवायु परिवर्तन विश्व के विनाश का कारण बनने वाला है ये अब धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहा है। कैसे स्पष्ट हो रहा है? उसके क्या परिणाम दिख रहे है? और उसे कैसे रोक सकते है? यह हम आगे समझेंगे!


World-Pollution-Global-warming


जलवायु परिवर्तन के कारण-Due to Climate change in Hindi

मित्रों व्यक्ति द्वारा जीवन उपयोगी संसाधनों का उपयोग करने के बाद जो भी  पदार्थ उत्सर्जित होता जिसका फिर से कोई उपयोग किया नहीं जा उसके प्रकृति मे अधिकतम बढ़ जाने को ही प्रदूषण कहा जाता जैसे कि प्लास्टिक, धुआँ अतिरिक्त ध्वनि इत्यादि। इसी  प्रदूषण के कारण जागतिक तापमान (Global warming) बढ़ रहा है जिससे जलवायु परिवर्तन हो रहा है। अर्थात बड़े पैमाने पर चक्रवात आ रहे है और बर्फ पिघल रही है। 

जागतिक तापमान क्या है?-What is Global warming?

जब मनुष्य के उपभोग के वस्तुएँ बनाने के लिए Factories चलाई जाती है, उस से निकलती ज़हरीली गैस जब वायु में अधिक प्रमाण में घूल-मिल जाती है, तब हवा प्रदूषित हो जाती  जिसके कारण सूर्य की तेज़ किरणों को रोकने वाली ओज़ोन वायु की परत में छेद हो जाते है और सूर्य की तेज़ किरणें सीधे ज़मीन पर आ जाती है। परिणाम स्वरूप धरती का तापमान आवश्यकता से अधिक बढ़ जाता है उसे ही ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है। 

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ग्लोबल वार्मिंग के कारण-Due to Global warming in Hindi

मनुष्य सुख चैन वाली जिंदगी के लिए अनेक उत्पादनों का उपयोग कर रहा है जिसे उत्पादीत करने के फैक्ट्रियां चलाई जा रही है। और इन फैक्ट्रियों से निकलता कचरा धुआँ वायुमंडल की तापमान में बढ़ोतरी का कारण बन रहा है। तथा दूसरा कारण यह है कि बढ़ती लोकसंख्या के कारण अनेकों फैक्ट्रियां, रहने के लिए मकान आदि के लिए ज़मीन उपलब्ध करवाई जा रही है। जिसके लिए जंगलों को नष्ट किया जा रहा है, लाखों की तादाद में पेड़ काटे जा रहे हैं। इन पेड़ो से मिलता हुआ ऑक्सीजन वायु का स्तर भी कम हो रहा है, और साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ रहा है। यही कार्बन डाइऑक्साइड ओज़ोन की परत को तेजी से कम करता है। 

दुनिया मे बिजली उत्पादन के लिए कोयला जलाने Factories सबसे ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर छोड़ते हैं।  तथा दूसरे नंबर पर स्थान आता है परिवहन क्षेत्र,  अलग-अलग किस्म की गाड़ियों से निकलता हुआ दुआ बेहद ही खतरनाक होता हैं।  हमने को पिछले कुछ दिनों में दिल्ली प्रदूषण के बारे में सुना ही है। आती प्रदूषण की वजह से दिल्ली वासियों की आंखों में जलन या अन्य बीमारियों से परेशान हो रहे है।  इसी के साथ पंजाब क्षेत्र में पराली जलाने के बाद निकलते धुएँ का मुद्दा भी सामने आया था। और इसी तरह प्रदूषण बढ़ने की वजह से Global warming चरम सिमा पर है। 

प्रदूषण के दुष्परिणाम-Pollution side effects in hindi

अदरक, लहसुन, कोथिंबीर के साथ हर सब्जी के कम होते स्वाद से शुरू करेंगे तो गैर नहीं होगा। यह सभी दुष्परिणाम प्रदूषण की ही तो है। बंजर होती धरती और बदलता मौसम, अकाल बूढ़े होते लोग और अस्पताल में लगती लाइन, घटती उम्र और बढ़ती चिंता यह भी शत प्रतिशत प्रदूषण का ही परिणाम है। आदमी जब उपयोग के बाद कुछ भी उत्सर्जित करता है तो वह आमतौर पर ज़हरीली ही होता है और वही घूम फिर कर अनाज पानी और वायु द्वारा इंसानी शरीर में जाता है तो अनेक तरह की बीमारियाँ उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त प्राणी और पंछियों पर भी प्रदूषण का बहुत बुरा असर दिखाई दे रहा है छोटे-छोटे पंछी जैसे चिड़ियों की तादाद कम होती जा रही है, समुद्र की मछली से लेकर जंगल के प्राणी तक सब कुछ खतरे में आ रहा है। 

ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव या हानि Global warming side effects in Hindi

बढ़ते तापमान से बढ़ती गर्मी जीव सृष्टि पर गहरा परिणाम करती है। वस्तु व्यक्ति प्राणी समय से पहले परिपक्व होना यह गर्मी का ही परिणाम है। आपने गर्मी के कारण पका हुआ आम, खट्टा होता दही तो देखा ही होगा लेकिन मनुष्य के बारे में भी यही नियम लागू होता है और लड़का लड़की समय से पहले मेच्यूअर हो जाते है। जिसके कारण काम उत्तेजना पर भी बुरा असर पड़ता है।  के कारण हर चीज में तामसिक का बढ़ती है और उसका असर धीरे-धीरे मनुष्य स्वभाव पर पड़ता है। जिसके कारण अनेक देशों को गृह युद्ध या आपस में युद्ध का भी सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि क्रोध को बढ़ाने वाली गर्मी ही तो हैं।

गर्मी के कारण पृथ्वी पर जमी हुई बर्फ भी धीरे-धीरे पिघलने लगी है। जिसके परिणाम स्वरूप समंदर का जल स्तर बढ़ता ही जा रहा है। अगर ऐसा ही कुछ सालों तक और चलता रहा तो समंदर के किनारों पर स्थित एक भी देश आपको दुनिया के नक्शे में देखने को नही मिलेंगे। एक जानकारी के अनुसार 2002 के बाद हर साल 134 बिलियन मेट्रिक टन बर्फ अंटार्कटिका से पिघल रहा है। 

जलवायु परिवर्तन होने से कहीं सूखा तो कहीं तेज बारिश या कहीं बड़े-बड़े तूफान जैसी स्थिति उत्पन्न होते रहती हैं। वर्तमान समय सभी देश अलग-अलग प्राकृतिक संकटों का सामना कर रहे हैं। 

ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के उपाय-Measures to prevent Global warming in hindi

ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए कोई तपस्या साधना, जादू-टोना , चमत्कार  की आवश्यकता नहीं है। बल्कि इंसान को अपने करतूतों से बाज आना चाहिए। अर्थात जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ हर वो चीज करनी चाहिए जो प्रकृति के संतुलन के लिए उचित हो। हमारी जिम्मेदारियाँ बनती है की हम प्रकृति का रक्षण करें।  हमारे देश के सरकारों ने प्लास्टिक बंदी पर जो हाल ही में कानून बनाया है यह भी एक बचाव का अच्छा उपाय है। इसके धुएँ से हो रहे वायु प्रदूषण रोकने के लिए बिना कार्बोरेटर वाली गाड़ियां बनाई जा रही है, और धीरे-धीरे उपयोग में लाया जा रहा है। 

हमारा कर्तव्य बनता है कि सरकार द्वारा लगाए गए कानून और नियमों को गंभीरता से पालन करें। तथा देश हित के हर कार्यक्रम में  कीमती समय एवं सहयोग दें। सबसे पहले जरूरी है कि जिन जंगलों को हमने नष्ट किया है उनको फिर खड़ा किया जाए, उसके लिए जहां संभव हो पेड़ लगाए जाए। और उसकी रक्षा की जाए। जब हम रेफ्रिजरेटर जैसे उत्पादन खरीदते हैं तो सरकार से निर्देशित लेबल वाले ही उत्पादन खरीदे। 

इसके अतिरिक्त उस हर कोई चीज का त्याग करें जिससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होता हो। या उसके लिए कोई पर्यायी दूसरा साधन ढूंढे, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड ही जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण है। और उसी को कम करके ही दुनिया का बचाव किया जा सकता है। आशा करता हूँ मित्रों Hindi Hints की इस पोस्ट द्वारा आप जान गए होंगे की Global warming से दुनिया का विनाश कैसे होने वाला है और उसके लिए क्या उपाय कर सकते है।  आप ने दिल से पढ़ा इसलिए दिल से धन्यवाद! अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखना।

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