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जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें?-How to Improve Stubborn Children? in Hindi

जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें?-How to Improve Stubborn Children? in Hindi

सबकुछ कमाया लेकिन बुढ़ापे का आधार ना कमाया तो क्या फायदा? इसलिए हमको जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें?-How to Improve Stubborn Children? in Hindi इसकी जानकारी होना जरूरी है। 


Improve-Children-Obedient


बच्चों को आज्ञाकारी कैसे बनाये?-How to make Children Obedient?

Stubborn Children को अच्छी शिक्षा देने के लिए सबसे पहले आप को उसे Obedient बनाना पड़ेगा। बच्चा अपने घर मे पहले गुरू मां-बाप द्वारा जन्म से ही सिंखना चालू करता है इसलिए अगर हम समय पर बच्चों को समाजिक, व्यावहारिक अच्छी शिक्षा देने मे कमजोर पड गये तो कोई गारंटी नही कि हमारे बच्चे हमारे बुढ़ापे का आधार बनेंगे। इसलिए मित्रों कम से कम 3 साल की आयु से बच्चों को आज्ञाकारी बनाना शुरू करना चाहिए। इस समय दुनिया के हर चीज का परिचय और खेल की आयु होती है। इसलिए बच्चे को नये-नये तरीके से खेल खेल मे आज्ञा का पालन सिखाना चाहिए। जैसे छोटी-छोटी चीजें यहाँ से वहाँ रखना वग़ैरा। 

बच्चों को अच्छी शिक्षा कैसे दे?- How to give good education to Children? in Hindi

बच्चा जब हर बात मे आज्ञाकारी बन जाये तो उसे अच्छी शिक्षा देना प्रारंभ करना चाहिए 4 से 5 साल कि उम्र उसमे समझ आने के लिए पर्याप्त होती है। 

ईश्वर मे विश्वास

 Stubborn Children को Improve करने के लिए, उसे आदर्श नागरिक बनाने के लिए, आप को ईश्वर मे विश्वास सिखाये। चोरी करना, झुट बोलना जैसे बुरे कर्मों के लिए पाप-पुण्य तथा ईश्वर का डर बिठाये। और अच्छे कर्मों पर ईश्वर की प्रसंन्नता का भी विश्वास दिलाये इसलिए उसे अपने साथ रोज़ मंदिर, मस्जिद या चर्च, गुरूद्वारे आदि मे लेकर जायें। 

मां बाप और बड़ों का सम्मान करना सिखायें

बच्चे को यह एहसास दिलाये कि घर मे उससे बड़ा जो कोई भी है वह उसके लिए सम्मानीय है। और उनसे वार्तालाप सम्मान जनक कैसे करना है, यह भी सिखाये। बच्चे के उन शब्दों के उच्चारण पर ज्यादा Focus करें जो  सम्मान उत्पन्न करते है, जैसे तुम कि जगह आप आदि। 

मदत कि भावना

किसी कि भी जरूरत को परख कर उसे मदत करने की भावना को जगाना आवश्यक है। उसके लिए छोटी से छोटी कार्यवाही से शुरूआत करें। जैसे आप Bathroom मे है और आपको साबुन या शैम्पू कि जरूरत है तो आपके बाथरूम पहुँचते ही लाकर दे आदि। 

अनुशासन सिखाये 

बहुत से बच्चे School से लौटते ही पुस्तक नोटबुक इधर उधर फेंकते है और खेलने चले जाते है खेल से लौटने के बाद खेल कि चीजें इधर-उधर फेंकते है तो जरूरी है कि, आप उन्हे स्वयं सबकुछ उनके आँखो के आगे व्यवस्थित रखे। और उसमे उनकी मदत मांगे, बिछाने कि घड़ी करते समय भी साथ ले। और कुछ दिन बाद उन्हे अकेले ये सब करने को कहे। तभी Stubborn Children Improve होंगे। 

बड़ों कि सेवा

बुढ़ापे मे आप को १००% जरूरत होती है हाथ-पैर कि मालिश करे या दबायें। जगह पर चाय पानी नाश्ता लाकर दे। तो यह सेवा करने कि बच्चों को बचपन से ही आदत डाल दो तो आगे चलकर तकलीफ़ नही होगी। इसी तरह आप देश भक्ति, मीठी बोली आदी बातें सिखाने पर अपना ध्यान केंद्रित करें। 

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बच्चों का दिनचर्या और खान-पान

बच्चों की दिनचर्या और उनका खान-पान जो बचपन मे है वही जीवन भर असर डालता है। इसलिए बच्चों को सुबह जल्दी उठकर व्यायाम और पढ़ाई करने की आदत डालना जरूरी है। चाहे कितना भी लाड-प्यार करो किंतु इस बात मे ढिलाई बिल्कुल ना बरतें। खान-पान मे बासी खाना, मसालेदार और तेल वाला खाना, Fast food आदि बिल्कुल ना दे तो ही अच्छा। वरना धीरे-धीरे सामान्य खाना पसंद नही आता, जिसके का असर उनके शारीरिक विकास पर भी पड़ता है। और विटामिन्स कि कमी के चलते दुबले-पतले तथा भद्दे रह जाते है। 

जिद्दी बच्चों को ठीक करने के उपाय-Remedies to cure Stubborn Children in Hindi

  • कुछ बच्चे लाड-प्यार से तथा कुछ बच्चे जन्म से  बहुत Stubborn होते है। उनके लिए ये उपाय करके देखे।
  • बच्चों को अच्छे गुण वान बच्चों की कहानियाँ सुनाए ताकि उनको लगे मैं भी ऐसा ही बनुँ
  • अच्छा काम करने पर उन्हे शाबाशी दे और प्रोत्साहित करें 
  • जिसके लिए आप उन्हे रोकना चाहते हो आप स्वयं वो नही करे 
  • बच्चों को हर बात पर डांटे नही और ना किसी के आगे उन्हे अपमानित करे बल्कि उनकी कुछ अच्छाई कि प्रशंसा करे। 
  • अच्छे गलत का ज्ञान देकर हर मांग पुरी करने के बजाए टाल दे और उनका ध्यान दूसरी ओर आकर्षित करें ताकि जिद्द भूल जाए। 
  • खाना और पुरी नींद ना होने से बच्चे चिड़चिड़ापन करते है इस पर ध्यान दे। 

क्या बच्चों को मरना, पीटना सही है ?

जिद्दी बच्चे कभी-कभी प्यार से भी नहीं मानते इसलिए कुछ मां-बाप बच्चों को हमेशा पीटते रहते है। लेकिन ये तरीका बिलकुल सही नहीं है। 
बच्चों के बारे में एक बात उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए। जब तक उनपर धाक (आप का डर ) जमा रहेगा वो आज्ञाकारी बने रहेंगे। लेकिन अब आप सोच रहे होंगे की ये धाक लाये कहाँ से? तो इसका जवाब है First impression to last impression अर्थात "पहली छाप से आखिरी छाप" बच्चे की पहली असामान्य ग़लती को आप माफ़ ना करे बल्कि उसे उसके सहन शक्ति के हिसाब से दो-चार झापड़ खिंच कर लगा दे। और जब वो रोयेगा तो घर का कोई भी सदस्य पास लेने की बिल्कुल जल्दबाजी ना करे ! इस से वो अगली बार वो शरारत करने से पहले आप की ओर देखेगा उस समय आप बस उसकी ओर आँखें फाडकर देखें। बस हो गया काम यही धाक उस पर आखिर तक काम करेगा। 
 

शैतान बच्चों को कंट्रोल करने के उपाय-Ways to control devil Children in Hindi

कुछ बच्चे बहुत ही शैतानी करते है तो हमको ये जानना जरूरी है कि शैतान बच्चों को सुधारने के और Obedient बनाने के उपाय क्या है? लेकिन कुछ भी करो कुछ बच्चे कंट्रोल ही नही होते क्यो? क्योंकि उनको बालीश बुद्धि के कारण वास्तवता का एहसास नही होता। तो आप सबसे पहले अपनी बुद्धि लगाकर उनको वास्तविकता का एहसास करा दो। उसे 5-10 दिन अपने रिश्तेदारों के पास भेज दो और उनसे कह दो कि उनको Punishment ना दे लेकिन सक्ती से पेश आयें।  ताकि बच्चों को घर कि याद आयें और मां-बाप के प्यार कि कीमत पता चले।

बाद मे जब भी कभी बच्चा शैतानी करें तो उनको उसी रिश्तेदार के घर छोडने का डर दिखा सकते हो। वैसे तो मैं बच्चों के सजा के खिलाफ हूँ लेकिन Normal punishments आवश्यक भी होता है। जैसे 10-15 मिनट तक एक जगह पर चुपचाप खड़ा करना, मुहँ पर उँगली रखकर चुप बैठना आदि। 

बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास

कुछ बच्चे चंचल होते है पर बलवान नही, कुछ बच्चे शांत होते है पर बुद्धिमान नही। इसका कारण है मां बाप कि परवरिश या नियोजन कि कमी। कुछ मां बाप बच्चों को बहुत कुछ खिलाते है किंतु केवल समय पर व्यायाम ना होने कारण वो दुबले या मोटे बनते है। बच्चे अगर बहुत पढ़ते है फिर भी उनके दिमाग मे कुछ याद नही रहता तो उनकी स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए आमरूद खिलायें, नियमित रूप से च्यावनप्राश भी खिलायें साथ मे योगा और प्राणायाम भी जरूरी है। 

बच्चों को समय दे

अंतिम और सबसे महत्वपुर्ण बात यह है कि आप अगर अपने बच्चों को अपनी असली Property मानते हो तो इस व्यावहारिक प्रॉपर्टी के पिछे बच्चों के लिए समय बचाने के बाद भागे। वरना आपको जीवन मे दोनों प्रॉपर्टी मे बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड सकता है। आपका बुढापा असुरक्षित हो सकता है। 

आखिर करना तो सबकुछ अपने और बच्चों के लिए ही है ना? तो चाहे समय के लिए अपना पेशा बदल दो लेकिन परिवार और बच्चों के लिए पर्याप्त समय निकालो। 

आशा करता हुँ की आपको अपने बच्चों को सुधारने के लिए  Hindi Hints कि बच्चों को आज्ञाकारी बनाने के लिए कैसे सुधारे?-How to Improve Children to be Obedient? इस पोस्ट से ज़रूर कुछ ना कुछ Idea मिला होगा। आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रुर लिखे। तथा आप ने इस पोस्ट को ध्यान पूर्वक पढ़ा इसलिए दिल से धन्यवाद! 

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