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फोन पर बात करने की कला-Talking art on phone in Hindi

फोन पर बात करने की कला-Talking Art on Phone in Hindi

वास्तव मे इस लेख का टायटल मैने पहले फोन उठाने की कला रखा था किंतु फोन तो बच्चा भी उठा सकता है। इसलिए मैने बड़ों की बड़ेपन  का विचार कर के फोन पर बात करने की कला- Talking Art on Phone in Hindi रखा है। अब आप सोचोगे इसमे "कला" की क्या बात है? बिल्कुल है भाई कला ही कला है। और जहाँ कला है वहाँ बला भी है। वो कैसे? पढ लो आगे... 


Talking-art-in-Phone

 चालाकी से बात करने की कला-Art of talking smartly in Hindi

दोस्तों हमे आगे वाले को अपने नियंत्रण मे रखने के लिए चालाकी से बात करना आना बहुत जरूरी है फिर चाहे वो फोन पर हो या आमने-सामने। दूसरों से अपनी बात आसानी से मनाना, दूसरों के सवाल को एक ही जवाब मे खामोश कर देना और दूसरों को अपनी बातों का दीवाना बनाना यह सब चालाकी का काम है। यह कला बहुत कम लोगों के पास प्राकृतिक रूप से होती है लेकिन अगर हम चाहे तो थोड़ी सी कोशिश से इसे आत्मसात कर सकते है।फोन पर बात करने की कला- Talking Art on Phone in Hindi  यह लेख भी इसी कला का एक अंश है।


प्रेमिका से बात करने की कला-The Art of Talking to Lover

अपने प्रेमी या प्रेमिका से बात करने मे सबसे पहली और बड़ी समस्या है, किसी वाक्य पर Lover नाराज़ ना हो। इसलिए फोन आते ही दिल ज़ोर-ज़ोर धडकता है। जैसे किसी संकट मे या दौड़ाने के बाद धडकता है। मन मे 1 से 2 सेकंड मे हजारों विचार आते है। बेल बजती रहती है और हम सोच मे पड जाते है। खास कर जब अपने प्यार का पहला फोन हो। इसलिए प्यार का Phone उठाने के बाद की Talking Art को हम जानते है। 

प्यार का पहला फोन कैसे उठाये?-How to pick up the first call of love? in Hindi

सबसे पहले अपने आप को कंट्रोल करे (इसके लिए पहले आईने के सामने ट्रायल करना भी आवश्यक है) विशेषता आपने तेज़ चल रही सांसों को नियंत्रित करे, उसके लिए गहरी लंबी सांस 1 से 2 बार ले, और नॉर्मल रहने की कोशिश करे। फिर धीरे और मधुर आवाज़ मे पूछे हैल्लो कैसे हो? अगर वो सयाना होगा या होगी तो कहेगी पहले तुम बताओ कैसे हो? फोन पर लड़कियों से बात करने के टॉपिक्स भी आप को पता होना चाहीए। इसलिए फोन पर ज्यादा समय अपने Lover को दे। उसके Past, Present, Future के बारे मे पूछे और उसके पसंद, आदत, सुंदरता के बारे मे प्रशंसा करे। याद रहे चापलूसी ना करे। 

अपनी बातों मे उसको एहसास दिलाये कि उसके फोन करने से या मिलने से उसके दिल को कितना सुकून मिलता है। आप उसके बिना नही रह सकते, बात करते समय उसका नाम अवश्य लें। इससे आपनेपण का एहसास होता है। जबतक आप को पता ना चले कि वो आप से भी उतना ही प्यार करता है। कोई शरारत भरी या मजाकिया बात ना करें। बाद मे कर सकते है। अपने बातों मे सवाल जवाब ज़रूर हो जिससे एक दूसरे को समझने मे मदद मिलती है। 

Talking Art  में Phone पर रोमांटिक बातों के साथ शादी कब करना चाहेगा? कितने बच्चे चाहेंगे? इन जैसे सवालों को हमेशा बातचीत मे शामिल करें इससे Time pass टाईप Lover कल्टी हो जाएगा। तथा किसी भी प्रेमी की हमेशा जी हुजुरी ना करे। वरना Love मॅरेज के बाद अपनी जिन्दगी जीना मुश्किल हो जाएगा। 


शादी से पहले मंगेतर से फोन पर बात 

आजकल लड़का लड़की Engagement के बाद किसी तरह एक दूसरे का नंबर तो ले लेते है, लेकिन एक दूसरे को फोन कॉल करने मे हिम्मत नहीं जुटा पाते। ऐसे समय मे अपने दोस्तों का सहारा लेते है। लेकिन आप को बात करने के लिए फ़ोर्स करने वाले दोस्त कितने अनुभवी है? और कितने फेल? कह नही सकते। इसलिए आगे पढिए मंगेतर से क्या बात करे? 

मंगेतर से क्या बात करे?-What to talk to fiancé? in Hindi

अगर आप लड़की है तो लड़कों से बात करने का तरीका पता होना जरूरी है। इसलिए फोन उठाने के बाद मधुर आवाज़ में केवल "Hallo" के शिवाय कुछ ना कहे। इससे आपकी शालीनता का बोझ लड़के के मन पर पड़ता है। फिर वो शुरू करेगा हैल्लो कैसी हो? क्या कर रही हो? वग़ैरा-वग़ैरा।  आप उसे बातों मे जल्दी रूचि ना दिखाए तो ही अच्छा, वरना उसे लगेगा की लड़की तो सीधी नही है। फिर धीरे-धीरे  उससे Friend की तरह Free होकर बात करो। बेहतर होगा की अपने भूत वर्तमान के बजाए भविष्य की सपनों पर बात करो। अपनी कुछ पर्सनल बाते ना शेअर करो तो ही अच्छा। वरना जीन बातों को एडजेस्ट करके वैवाहिक जिन्दगी जीना होता है, उसपर शुरूआत मे ही विवाद शुरू हो सकता है। और उसका परिणाम सगाई टूटने पर भी हो सकता है। 

अरेंज मेरेज हो तो एक बात का खास ध्यान रखे की, जितना हो सके फोन पर कम बात करें। क्यों कि जब अपने साथीदार को जानने की उत्सुकता अगर खत्म हो जाए तो विवाह मे भी वो रस नही रहता। क्योंकि Love marriage से ज्यादा आरेंज मेरेज का अपना एक अलग ही मज़ा होता है। 

लड़कों के लिए Talking Art कुछ अलग है। अगर आप लड़के हो और फोन पर लड़की है तो सबसे पहले अपने उतावलेपण पर काबू करो। और बातचीत लंबी खींचने के बजाए खुद को थोड़ा बहुत व्यस्त दिखाओ। बिल्कुल बेरोज़गार की तरह Phone पर चिपके ना रहना। वरना इज्जत कम हो जाएगी। और इतना भी ज्यादा नही की लडकी को लगे की शादी के बाद क्या ये मुझे समय दे पाएगा? 

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लड़की पसंद ना आयें तो फोन पर मना कैसे करे?

अगर आप ने लड़की देखने गये हो, और वह आप को पसंद नहीं है तो उनकी तरफ से आदर आतिथ्य के कारण आपके मन मे शालिनता की वजह से एक अजीब सी एहसान वाली भावना तैयार हो जाती है। जो आप को लड़की को सीधे नकारने नही देती। आप को लड़की वालों का दिल टूटने का भय सताता है। ये कहो कि आप नापसंती दर्शाने के लिए हिम्मत ही नहीं जुटा पाते। ऐसे समय मे आप और परिवार वाले, "ठीक है बताते है" कहकर वहाँ से जल्दी मे निकलने की कोशिश करते है। और फिर अपने घर वापस आने के बाद चिंता मे पड जाते है कि, उनको नही वाली खबर कैसे दे? बीच मे कोई Broker हो तो ठीक वरना परेशानी होती है। इस समय बहुत से लोग खामोश ही रहते है। जिससे लड़की वाले अपने आप समझ जायें। किंतु मित्रों यह बहुत गलत है। 

लड़कियों का मामला बड़ा  ही नाजुक होता है। उनकी शादी को लेकर मां-बाप अक्सर तनाव मे रहते है। ऐसे मे आप पसंद आओ तो उनको बड़ी आस रहती है कि, आप से कुछ अच्छी खबर मिले। अगर आप ना कहकर उनका दिल नही तोड़ना चाहते, तो खामोश रहकर उनका Tension बढ़ाने का भी आप को कोई अधिकार नही। इसलिए आप बिना देर किए स्वयं फोन लगा दो। जाहिर है की, आप फोन पर बात करेंगे तो लड़की के पिताजी ही बात करेंगे। तो पहले आप उनके आदर तिथ्य की तारीफ कर, उनको धन्यवाद दो। उसमे उनके परिवार की भी तारीफ होनी चाहिए। फिर धीरे से कहो आप की लड़की तो बहुत सुंदर और सुशील लगती है। मैं तो क्या कोई भी लड़का उसे ना नही कर सकता। शायद अब तक उसको किसी लड़के वालों ने देखा नही होगा, वरना उसकी शादी कबकी हो जाती।

मेरी राय तो यही है कि आप उसके लिए कोई मुझसे भी अच्छा लड़का ढूंढ लो। मैं आप को पसंद हूँ या नही ये नहीं जानना चाहता, लेकिन मुझे लगता है आप की बिटिया के लिए मुझसे भी अच्छा लड़का चाहिए। क्योंकि उसमे वैसी ख़ासियत है। इतना कहकर विषय पलट दो और कह दो ठीक है पिताजी कहीं ओर रिश्ता पक्का हो तो शादी मे ज़रूर बुलाना। मत भूलना हमको। और फोन काट दो। और चिंता मुक्त हो जाओ। मेरा मन कहता है Phone पर Talking Art का इससे अच्छा कोई तरीका हो ही नही सकता। 


कर्जदारों से बात करने का तरीका-How to talk to borrowers in Hindi

अगर आप के कर्जदार ने फोन बंद करके नहीं रखा है तो सबसे पहले आप वहीं पर जीत गये। पैसा तो आता जाता रहेगा लेकिन धोखेबाज़ लोगों के हाथ मे पैसा जाने पर वह आपको घर पर, फोन पर छोड़ दो, पाताल में भी ढुँडने से नहीं मिलते। इसलिए कर्जेदार को अगर आपका फोन लग जायें तो उससे बात करने का ढंग हमको आना चाहिए, वरना बनती बात भी बिगड सकती है। और जो व्यक्ति सीधे तरीके से पैसा लौटाना चाहता था वो तेडा हो सकता है। 

आप कर्जेदार पर सताने के कारण, कितने भी क्रोधित हो लेकिन शुरू मे काम ठंडे दिमाग से ही लेना है। जाहिर है  कोई कर्जेदार खुद कभी फोन नही लगायेगा। इसलिए जब आप फोन लगाओ तो पहले प्यार से उसकी तबियत और उसके परिवार की खुशहाली पूछो। वह दुखी है तो उसे हमदर्दी जताओ। और फिर कर्ज़ वापस मांगने के लिए अपनी भी मजबूरी उसे सुनाए। अगर आपको पता हो वो जानबूझकर नाटक कर रहा है तो, आप भी उससे बड़ा नाटक कर सकते हो। एक बात याद रखना कर्जा उठाने वाला अगर कंगाल हो तो आप के किसी भी क्रोध से काम नही चलेगा। चाहे आप कितने भी बड़े साहूकार या ताकतवर क्यों ना हो। इसलिए ठंडे दिमाग से और प्यार से पाई-पाई वसूल कर सकते हो। 


लेनेदारों से कैसे बात करे?-How to talk to creditors? in Hindi

अगर आप ने कर्जा लिया है और चुकाने मे देरी हो रही है, तो आप लेनेदार को बार-बार फोन करके उसके संपर्क मे रहो। जिससे उसका विश्वास बना रहे। तथा आपकी मजबूरी और कर्जा चुकाने की इच्छा दोनो उसको पता चले। 

फोन पर बात करने के बजाए हो सके तो उसे मिलते रहो। तथा उसे खुश करने के लिए उसके लिए कुछ Gift , उसके परिवार वालों के लिए उपहार, और उसके बच्चों के लिए फल आदी लेकर जाओ। आप अंत मे भले ही ब्याज मे उसे कुछ छुट मांगो, लेकिन पहले उसे खुश रखो। उसे फोन करने का और पैसे मांगने का मौका ही मत दो। उपहार दे कर अंग्रेजोने इस देश पर राज्य किया था। तो आप लेनेदार के दिल पर क्यों नही कर सकते?

आशा है कि Hindi Hints कि यह फोन पर बात करने की कला-Talking Art on Phone in Hindi पोस्ट आप को ज़रूर पसंद आयी होगी। और कभी ना कभी इसका ज़रूर फायदा होगा। आप अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स मे लिखना ना भुले। ध्यान से पढने के लिए दिल से धन्यवाद!




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