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स्वयं मार्गदर्शन से सफल जीवन | Self Guidance Successful life in Hindi

स्वयं मार्गदर्शन से सफल जीवन | Self Guidance Successful life in Hindi

दोस्तों मानता हूँ की मनुष्य को आगे बढ़ने के लिए किसी ना किसी के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। लेकिन हर किसी को ठोस मार्गदर्शन मिलेगा ही इसकी भी कोई शाश्वती नहीं है। और इसके अभाव मे कितने कामयाब होने की चाह रखने वाले लोगों की जिंदगियां मंजील की चोटी पर पहुँच नही पाती। तो आज हम इसी दुर्भाग्य का तोड़ निकालने के लिए स्वयं मार्गदर्शन से सफल जीवन | Self Guidance Successful life in Hindi कैसे हो सकता है यह जानेंगे। 


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Life में Guidance का महत्व

मनुष्य के जीवन मे मार्गदर्शन का महत्व इसलिए है की, मार्गदर्शक को जीवन सफर मे जो पहले ठोकर लगी है वह हमको ना लगे। तथा ठोकर लगने के बाद उसने जो उपाय किए है वह हमको पता हो। किंतु इस मे भी समय के साथ परिस्थितियां और संकटों का स्वरूप बदल सकता है। तथा मार्गदर्शक ने जो राह अपनाया उसमे वह स्वयं ही संयोगवश कामयाब हो चुका हो। कुछ भी हो सकता है। यहाँ तक की जिस राह के लिए वह हमे मार्गदर्शन कर रहा हो उसके गुण हममें बिल्कुल ना हो। बहुतों के पिताजी चाहते है बेटा अफ़सर बने और उस दिशा मे पढ़ाई, Guidance भी कराते है। लेकिन बेटे मे गुण खिलाड़ी बनने के हो तो? आजकल मार्गदर्शन भी पैसों मे बिकता जो उसे खरिदना ग़रीबों के बस मे नही होता। दुनिया मे कितने गुरू है लेकिन उनके झोपड़ी मे रहने वाले, मजदूरी करने वाले या फिर मध्यम वर्गीय लोगों मे से कितने शिष्य है?  इसलिए Successful life के लिए आप अपने स्वयं मार्गदक बनो। अब आप कहोगे ये कैसा संभव है? बिल्कुल संभव है। इसीलिए तो यह लेख लिखने का मैने प्रपंच किया है। 

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स्वयं मार्गदर्शक-Self guid

Self guid बनकर अपने आप को Guidance करना थोड़ा मेहनत का काम है लेकिन उसके फल का स्वरूप आप को बुलंदियों पर पहुँचाता है। जिस प्रकार किसी पंछी का बच्चा पंख आने पर उड़ने कि कोशिश करता है, हजार बार गिरता है लेकिन अंत मे सफल हो ही जाता है। ना उसका कोई Guid होता है ना Supporter इस बात से ये पता चल जाता है कि दिल मे उमंग हो तो स्वयं प्रकृति हमे मार्गदर्शन करती है। 

जिस प्रकार एकलव्य को द्रोणाचार्य ने मार्गदर्शन करने से मना किया था, लेकिन उन्होने प्रण लिया की मै Self guid बनकर सिखुंगा और उन्होने केवल आदर्श सामने हो इसलिए गुरू द्रोणाचार्य जी का पुतला बनाया और शिक्षा की शुरूआत की, देखते हि देखते कला मे इतने निपुन हो गये की जो कला गुरूजी के लिए कठीण थी वह उन्होने आत्मसात कर ली। गुरू के एक पालतू कुत्ते का मुंह आपने बाणों की तीर से इस तरह बंद किया कि, कुत्ते को एक भी ज़ख्म नहीं हुआ तथा खून भी नही निकला। 
तो मेरे कहने का यही मतलब है दोस्तों जब जीवन मे Successful life के लिए Guidance करने वाला कोई ना मिले तो खुद को खुद का मार्गदर्शक बनाओ। तो फिर इसके लिए क्या करना होगा? 

स्वयं मार्गदर्शन के लिए क्या करें? ( What to do for Self Guidance ) 

मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है और विज्ञान के अनुसार उसकी बुद्धि सामान्य से 8 गुना काम कर सकती है। लेकिन 
समय के बहाव मे मनुष्यों ने उसका उपयोग करना छोड़ दिया। इसका मतलब आज भी हम उसका उपयोग कर सकते है। तो हमे उसे आपने मंजील की रास्ते मे आने वाली समस्याओं का समाधान ढूँढने के लिए उपयोग मे लाना चाहिए। अब आप कहेंगे वो कैसे???

अपने जीवन की लक्ष तय करो ( Set your life goal )

समस्त जीवन के लिए हो या एक दिन की चर्या, सबसे पहले यह निश्चित करो की आप को करना क्या है? और आप को उसमे कितनी रूचि है? क्योंकि कोई भी काम बिना रूचि के करने से तनाव का सामना करना पड सकता है।

लक्ष के प्रति चिंतन ( Contemplation of goal )

उसके बाद उस लक्ष की राह के प्रति चिंतन कीजिए चिंतन का सही समय सुबह 4 से 5 बजे का हो जब आप नींद से जाग कर फ्रेश हो चुके हो। इससे आप को मार्ग मे आने वाली समस्या और उसका समाधान भी मिलने की संभावना है। उदाहरण: एक साबुन की कंपनी मे मशीन के समस्या के कारण कुछ पैक बिना साबुन के बन रहे थे। जिसके कारण बहुत शिकायतें आ रही थी। मशीन के मालिक ने कुछ टेक्नीशियन Guid को बुलाया उन्होने स्थिती देख यह निर्णय लिया कि पैकिंग चेक करने वाली एक मशीन लगा दिया जाए। जिसकी कीमत 4 करोड थी। जो बहुत ज्यादा थी। लगभग कंपनी का एक साल का मुनाफ़ा। यह बात कंपनी के मालिक बेटे को पता चली जो Technician नहीं था बल्कि एक संगीत कलाकार था। उसने सुबह उठकर चिंतन किया और उसको एक मार्ग मिला, दिन निकलते ही वो मार्केट गया और 2 हजार रूपये का सबसे तेज़ घूमने वाला पंखा खरीद लिया। अब जहां से साबुन पैक होकर निकलते थे वहां लगा दिया। जैसे ही खाली बॉक्स आता तुरंत हवा से उड़ जाता। 
लंबा उदाहरण देने का कारण यही है की हम स्वयं मे कुछ कम नहीं है। बस अपना पुरा उपयोग नहीं करते और  कठिनाई मे चले जाते है। जिसकी वजह से Successful life के लिए Guid और Guidance की जरूरत महसूस होती है। 

अंदाज़ लगाना सिखों। ( Learn to guess )

किसी भी बात का सटीक अंदाजा लगाने का प्रयत्न करो। मैं नहीं जानता मनुष्य का तीसरा नेत्र है या नही किंतु जैसे ही इसकी आदत पड जाएगी आपके अंदाज़ सही निकलने लगेंगे। यह मेरा खुद का अनुभव है। बस किसी बात का 1 नही बल्कि 2-3 अंदाज़ ज़रूर लगाना चाहिए 99% एक तो सही निकलेगा जो कामयाबी की राह मे मददगार बनेगा। एक किसान ने बाजार मे प्याज़ बिल्कुल सस्ते बिक रहे थे, उसने कुछ अंदाज़ लगाया और अपने खेत मे प्याज़ ही उगाये। हुआ कुछ यूँ की सस्ता होने के कारण अगले साल किसी ने प्याज़ नहीं बोया और इसका प्याज़ सोने के भाव बिक गया। इस तरह आप अपने संभावित संकट का भी अंदाजा लगा सकते है। भाइयों मैने लॉकडाउन के 1 महीने पहले 3 लिटर Dettol परिवार की सुरक्षा के लिए खरीद कर घर मे रखा था। दोस्त मुझे पागल कहते रहे। बाद मे हमारे यहां बजार मे डेटॉल मिलना ही बंद हो गया। पता नहीं कैसे-कैसे Sanitizer मार्केट मे आने लगे। दोस्तों दुनियाभर के कोरोना न्यूज़ से ही मैने अपने मन मे भारत की परिस्थिती का सटीक अंदाजा लगाया था। और भी बहुत सी सावधानियां ली थी। 

 निरीक्षण से ज्ञानार्जन ( Learning by inspection )

यह काम तो हम बड़ी आसानी से कर सकते है। घर से बाहर निकले और हो गये चालू चलते फिरते निरीक्षण करो, दुनिया से ज्ञान इक्कठा करो, जैसे चाहे सपेरे का खेल ही देख लो, निरीक्षण करो, उस मे से भी कुछ सिखने को मिलेगा। वो कैसे चालकी से लोगों को उल्लू बनाकर सांप और नेवले की लड़ाई के नाम पर सैकडों लोगों के इक्कठा जमा कर रखता है। निरीक्षण की गयी बातें आपके लिए अनुभव का रूप लेगी और सही समय पर काम आयेगी। किसी भी विषय की चर्चा चले आप उसके ज्ञान के बारे मे सबके आगे हो। दोस्तों यहीं बातें जीवन मे आप की मार्गदर्शक बनेगी। मैं अकेला कहीं जाता हूँ तो कभी खाली ऑटो रिक्षा को नही पकड़ता। जो पुरा भरके हो और एक सीट खाली हो उसे ही रूकाता हूँ। सोचो क्यों? समझ आया तो कमेंट मे बताओ। 
इस तरह आप भी जीवन के सभी छोटी-बड़ी बातों मे इन ट्रीक्स का उपयोग करके स्वयं आपने गुरू, मार्गदर्शक बनकर (Successful life) जीवन को सफल बना सकते हो। 
सेल्फ गुरू इज द ग्रेट गुरू

आशा है की आप को Hindi Hints की यह स्वयं मार्गदर्शन से सफल जीवन | Self Guidance Successful life in Hindi पोस्ट आप को ज़रूर पसंद आयी होगी। ध्यान से पढने के लिए दिल से धन्यवाद! 





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