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नींद की खर्राटों को कैसे रोकें? | How to Stop Sleeping Snoring? in Hindi

नींद की खर्राटों को कैसे रोकें? | How to Stop Sleeping Snoring? in Hindi

दोस्तों नींद मनुष्य जीवन की सबसे जरूरी शारीरिक ज़रूरतों मे से एक है। नींद माना मेंदू के थकान दूर करने का विश्राम अगर वह पूर्ण करने हम असमर्थ रहे तो समझो पुरा दिन मुर्दे जैसी हालत हो जाती है। इसलिए हर मनुष्य को कुछ घंटे गहरी नींद आवश्यक है लेकिन अगर घर में कोई खर्राटे मारने वाला हो तो उससे बड़ा संकट कोई नहीं। इसीलिए आज हम जानते है कि नींद की खर्राटों को कैसे रोकें? | How to Stop Sleeping Snoring? in Hindi


Stop-Sleeping-Snoring


नींद में खर्राटे क्यों आते हैं? (Why do you snore in sleep?)

किसी भी बीमारी का उपचार ढूँडने से पहले उसके कारण जानना बहुत जरूरी है। 

वैसे देखा जाए तो Snoring आने का कारण सभी व्यक्तियों मे एक जैसा नहीं होता लेकिन Majority मे समानता होती है।

मोटापे के कारण गले के पास जो माँस बढ़ता है वह लेटने के बाद श्वास नली पर दबाव निर्माण करता है, जिसके कारण घुरने की आवाज़ उत्पन्न होती है। जिसे हम खर्राटे कहते है।

निचला जबड़ा अगर सामान्य से छोटा हो तो सोते समय जीभ पिछे खिसकती है और तालू का पिछे वाला मांस श्वास नली को बंद कर देता है, जिसके कारण श्वास लेने मे ज़ोर लगाना पड़ता है और खर्राटे उत्पन्न होते है। यही सेम एक्शन पीट के बल सोने पर भी होती है। 

बहुत बार बुढ़ापे के कारण गले मे पिछले साइड वाली मांसपेशियाँ ढीली पड जाती है जिसके कारण श्वसन क्रिया से आने वाली हवा सीधे उनसे टकराती है और बहुत ही लयबध्द तरीके के खर्राटे उत्पन्न होते हैं। 

यदि मुंह बंद होने के बावजूद भी खर्राटों की आवाज़ आती है तो इसका कारण जीभ का साइज मोटा या बड़ा होता है। 

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नाक की हड्डी तिरछी होना या फिर नाक के अंदर अतिरिक्त मांस जमा होना जिसके कारण श्वास-प्रश्वास लेने मे अधिक ज़ोर लगाने की आवश्यकता पड़ती है तब  इसका इलाज केवल सर्जरी से ही संभव है। 

पुरुषों की श्वास नलीका स्त्रीयों की नलीका से पतली होती है, इसलिए पुरुषों को ही Sleeping अर्थात खर्राटे ज्यादा आते हैं।

इस तरह की बीमारी आनुवंशिक भी हो सकती है जो परिवार के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होती है।

Snoring Causes in Kids अर्थात बच्चों को खर्राटे आने के कारण भी इन्ही में से एक है। टॉन्सिल बड़े होना, जीभ मोटी होना, जुकाम या नाक की हड्डी मे टेडापण आदी होता है। 

इसके अतिरिक्त शराबी या धुम्रपान वाले व्यक्ति, सर्दी जुकाम वाले व्यक्ति इनको भी अस्थाई रूप से Snoring आते है।

खर्राटे जब एक बीमारी बन जाते है तो उसके नुकसान भी अवश्य होंगे। तो चलिए जानते हैं खर्राटों के नुकसान क्या-क्या है? 


खर्राटों से क्या नुकसान होता है?

(What harm is caused by Snoring?)

दिन में कभी भी, कहीं भी नींद आना

मन की एकाग्रता नहीं हो पाना

वैवाहिक जीवन बर्बाद हो सकता है

परिवार वालों के ताने सुनकर मानसिक तनाव

नींद के कारण  वाहन दुर्घटनाएं होने की संभावना

उच्च रक्तचाप की बीमारी

दिल की भी बीमारी के शिकार हो सकती है। 

इसके और भी बहुत सारे नुकसान है। 

तो यह हो गये खर्राटे आने के विभिन्न कारण और उससे होने वाले नुकसान अब हम देखेंगे की इनका निवारण किस तरह से किया जा सकता है? Stop Sleeping Snoring अर्थात खर्राटे कैसे बंद करे?


खर्राटे रोकने के उपाय (Ways to stop Snoring)

खर्राटे कैसे रोके? इस सवाल का जवाब यानी उपचार कोई एक नहीं बल्कि विभिन्न कारणों अनुसार अलग-अलग है। 

सबसे पहले मोटापे के कारण आने वाले Snoring रोकने के लिए अपना वजन घटायें गर्दन के आसपास की चरबी को कम करने के लिए योगासनो मे बहुत से गर्दनों के लिए स्टेप्स भी है उन्हे अपनायें। 

जीभ मोटी होने कारण Sleeping खर्राटे आते है तो जीभ का व्यायाम बहुत जरूरी है। उसके लिए सुबह दांतों मे ब्रश करने के बाद जीभ पर जमा सफेद मैला ठीक से निकाले और मुंह धो कर अपनी जीभ पर देशी घी के दो चार बुंदे डाले इसके बाद लेफ्ट-राइट उपर नीचे क्रमवार से मोड़ दें, नियमित इस व्यायाम से जीभ पतली या फिर सामान्य मोटाई की हो जाएगी। 

शराब पीना छोड़ दे- शराब के कारण गले की मांसपेशियां संकुचित हो जाती है, और खर्राटे आने लगते हैं. तज्ञ लोगों का कहना है कि सोने से चार से पांच घंटे पूर्व शराब पीने से खर्राटे आने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। जो लोग कभी खर्राटे नहीं लेते हैं, वह भी शराब पीने के बाद खर्राटे लेने लगते हैं।

सोने के तरीके मे बदलाव करे- पीट के बल सोने पर तालु और जीभ एक दुजे के नज़दीक आ जाते है जिससे श्वास का वायु मार्ग संकुचीत हो जाता है जिससे कंपन पैदा होकर खर्राटे आ जाते है। इसलिए सर के नीचे ऊँचा तकिया रखकर  करवट पर सोना ठीक रहेगा इससे नाक का वायु मार्ग खुलेगा और खर्राटे रूक जाएंगे लेकिन सावधान इससे गर्दन मे दर्द भी हो सकता है। 

पुदीने के तेल की बुंदे पानी मे डालकर गरारे करने से और गुनगुने गरम देशी घी के एक-एक बुंद नाक मे डालकर सोने से Snoring से मुक्ति मिल सकती है। 

हल्दी और शहद मे सूजन रोधक गुण है इसलिए एक ग्लास गरम पानी मे दो चम्मच शहद डालकर सोने से आधा घंटा पहले ले या फिर एक ग्लास गुनगुने दूध मे एक चम्मच हल्दी डालकर पाने से खर्राटों मे मुक्ती मिलती है। लेकिन यह उपाय सेहत के अनुसार लगातार एक या दो महीने तक करना होगा। 

इसके अतिरिक्त सर्दी जुकाम से आने वाले अस्थायी खर्राटों को रोकने के लिए नाक मे जमने वाली बलगम (कफ) को हटाये। उसके लिए पेपरमिंट ऑयल की कुछ बुंदे पानी मे डालकर भाँप ले इससे श्वास नलीका खुल जाएगी। 

खर्राटे के लिए योग उपचार- खर्राटे के लिए भुजंग आसन, ताडासन और अनुलोम-विलोम यह तीन योग क्रियायें नियमित रूप से करने पर निश्चित फायदा मिलता है।

खर्राटों की बीमारी वाले व्यक्ति को ज्यादा ठंडा खाने से बचना चाहिए तथा अधिक तला हुआ, अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त ना खाये। जैसे केक, पेस्ट्री, शुगर, कैंडी, सोडा आदी पदार्थ

तो यह कुछ घरेलु आसान उपाय थे तथा खर्राटे की बीमारी गंभीर होने पर आप डॉक्टर को अवश्य दिखायें जिससे भविष्य मे होने वाले नुकसान से बचा जा सके। 

आशा है की आप को आसान जीवन बनाने के लिए Hindi Hints की इस नींद की खर्राटों को कैसे रोकें? | How to Stop Sleeping Snoring? in Hindi पोस्ट से ज़रूर फायदा होगा। आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखे तथा इस पोस्ट को अवश्य शेयर करे ताकी खर्राटे की बीमारी से ग्रस्त लोगों को इससे फायदा पहुँचे। बाकी आप ने इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ा है इसलिए दिल से धन्यवाद! 

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