Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Ticker

50/recent/ticker-posts

सूर्य नमस्कार के लाभ (12 आसन) - Benefits of Surya Namaskar (12 Steps) in Hindi

सूर्य नमस्कार के लाभ (12 आसन) - Benefits of Surya Namaskar (12 Steps) in Hindi

दोस्तों आज हम सूर्य नमस्कार के लाभ (12 आसन)-Benefits of Surya Namaskar (12 Steps) in Hindi के बारे मे विस्तार से जानेंगे। क्या आप जानते है की सूर्य नमस्कार मे केवल प्रमुख 8 आसन ही है और बाकी चार डबल है? नही तो चलिए जानते है। 


Benefits-of-Surya-Namaskar-12-Steps-in-Hindi


 सूर्य नमस्कार योग क्या है? (परिचय) 

भारत की प्राचीन संस्कृती में ऋषि मुनियों द्वारा मानसिक शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए योग का संशोधन किया गया। वहीं पर बहुउपयोगी प्रमुख आठ आसनों को मिलाकर एक आसन बनाया गया जिसे हम सूर्य नमस्कार कहते है। 

सूर्य नमस्कार के 12 आसन के नाम

सूर्य नमस्कार के 12 आसन के नाम कुछ इस प्रकार है। 

  1. > प्रणाम आसन (Prayer pose) 
  2. > हस्त उत्तानासन (Raised Arms pose) 
  3. > हस्तपादासन (Hand to Foot pose) 
  4. > अश्व संचालनासन (Equestrian pose) 
  5. > दंडासन (Stick pose) 
  6. > अष्टांग नमस्कार आसन (Salute With Eight Parts Or Points) 
  7. > भुजंग आसन (Cobra pose) 
  8. > पर्वत आसन (Mountain pose) 
  9. > अश्व संचालनासन (Equestrian pose) 
  10. > हस्तपादासन (Hand to Foot pose) 
  11. > हस्त उत्तानासन (Raised Arms pose) 
  12. > प्रणाम आसन (Prayer pose) 

सूर्य नमस्कार के 12 Steps मे केवल 8 आसन ही है बाकी 4 डबल है बस अंतर केवल इतना है की 4 और 9 नंबर के हस्तपादासन में पैरों को क्रम वार Left-Right बदलना होता है। 


ये भी पढ़िए :






सूर्य नमस्कार का लाभ कौन से रोगों मे होता है? - Health Benefits of Surya Namaskar in Hindi?

सूर्य नमस्कार करने से व्यक्ति हमेशा कांतीवान और निरोगी बना रहता है। Benefits of Surya Namaskar का "राज" सूर्य नमस्कार के दौरान एक सूर्य नमस्कार पूर्ण करने के लिए किये गये आठ आसनों मे छिपा है। उन आसनों द्वारा शरीर के किन-किन रोगों लाभ होता है आज हम देखेंगे वैसे सुर्य नमस्कार की महिमा तो हम सब ने सुन रखी है। लेकिन वास्तव में सूर्य नमस्कार किन रोगों से फ़ाइट करने मे मदत करते है और सूर्य नमस्कार का महत्व एवं लाभ पता होना हमारे लिए बहुत जरूरी है। अब प्रमुख आसन केवल 8 है तो लाभ भी इन्ही से होंगे तो चलिए step by step विस्तार से जानते है।

प्रणाम आसन के लाभ - Helth Benefits of Prayer pose

आसन नंबर 1 और 12 

प्रणाम आसन दिल के रोगों के लिए लाभदायक है। तथा तनाव से उत्पन्न होने वाले सभी रोगों मे उपयोगी है। इसका कारण यह है की प्रणाम आसन से मन शांत रहता है और नम्रता भाव मे वृध्दी होकर सहनशीलता बढती है। जिसके कारण व्यक्ति के क्रोध पर थोड़ा अंकुश लग जाता है। परिणाम स्वरूप मानसिक तनाव मे कमी आती है और तनाव से उत्पन्न होने वाले सभी रोगों में प्रणाम आसन से प्रतिकार किया जा सकता है। 

हस्त उत्तानासन के लाभ - Helth Benefits of Raised Arms Pose

आसन नंबर 2 और 11 

हस्त उत्तानासन के कारण मनुष्य में कार्यक्षमता बढती है। जिस कारण व्यक्ति क्रियाशील होता है और क्रियाशीलता शरीर को दिन भर बहुत सार व्यायाम प्रदान करती है। परिणाम स्वरूप शरीर सदा निरोगी रहता है। यही इस आसन के Benefits of Surya Namaskar है। 

श्वसन से संबंधित रोगों मे इसका लाभ होता है क्योंकि इसके कारण फेफड़े मजबूत और क्रियाशील बनते है। 

हस्त उत्तानासन से पेट संबंधित रोग जैसे पेट मे गड़बड़ी  एसिडिटी आदी से छुटकारा मिलता है क्योंकि यह पाचन तंत्र मे भी कमाल का सुधार लाता है। 

इसी के साथ ब्लड प्रेशर नियंत्रित भी करता है और पीट, कमर और काधों के दर्द को कम करने मे लाभकारी है। 

हस्तपादासन के लाभ - Helth Benefits of Hand to Foot pose

 आसन नंबर 3 और 10 

हस्तपादासन मनुष्य के रीड हड्डी में मजबूत लाता है जिसके कारण मनुष्य बुढ़ापे में भी Strong रहता है।

बहूतसे लोग बाल झड़ने की समस्या से परेशान है। हस्तपादासन बाल झडने की समस्या को रोकता है। 

बड़ी आतडीयों की अंतिम छोर में यह स्वच्छता लाता है। इससे मल विसर्जन संबंधित रोगों में कुछ लाभ मिलता है। 

रक्त संचार दिमाग की ओर करने मे मदद के कारण बुध्दी तेज होने के साथ अनिद्रा और सिरदर्द जैसे बीमारियों से छुटकारा मिलता है। 

एक जानकारी के अनुसार बांझपण दूर करने में भी यह आसन साह्यक रहा है। 

वात प्रकृति वालों के लिए हस्तपादासन बहुत ही उपयोगी है क्योंकि यह वायु विकारों हमेशा दूर रखता है। 

अश्व संचालनासन के लाभ - Helth Benefits of Equestrian pose

आसन 4 और 9

Benefits of Surya Namaskar में अश्व संचालनासन पैर दर्द में बहुत ही आसर कारक साबित होता है। और घुटनों में मज़बूती आने कारण बुढ़ापे के घुटना दर्द से छुटकारा मिलता है। यह जांघ और पैरों की मांस पेशियों को मजबूत बनती है। 

इस आसन को सूर्य नमस्कार में नियमित करने से पेट, लिवर और किडनी के स्वास्थ्य में लाभ मिलता है। तथा वजन भी नियंत्रण मे रहता है। 

दंडासन के लाभ - Helth Benefits of Stick pose

आसन नंबर 5

दंडासन छाती को चौडी बनाने के साथ फेफडों को हमेशा निरोगी रखने मे मदद करता है। उसी के साथ यह कंधों को मजबूत बनाता है और फैलने के लिए मदद करता है। 

इस आसन को आस्थमा जैसी बिमारी मे भी चिकित्सीय समाधान माना गया है। 

दंडासन से धैर्य, स्थिरता और एकाग्रता में वृद्धि होती है। तथा नियमित अभ्यास से मन को गहन शांति की अनुभूती होती है। 

अष्टांग नमस्कार आसन के लाभ - Helth Benefits Salute With Eight Parts Or Points

आसन नंबर 6

अष्टांग नमस्कार आसन का परिणाम सबसे पहले मानसिक स्वास्थ्य पर होता है और मानसिक स्वास्थ्य ही शारीरिक स्वास्थ आबाधित रखने मे मदत तरता है। अष्टांग नमस्कार आसन से आत्म विश्वास जागृत होकर मनोबल बढ़ता है। 

यह आसन पाचन क्रिया सुधरने के साथ-साथ शरीर के मोटापे को भी नियंत्रित रखता है। और शरीर को लचीला,  फुर्तीला बनाता है। 

इस आसन में भी फेफडों की कार्यक्षमता बढती है। और श्वसन रोगों मे मदत मिलती है। 

एक जानकारी के अनुसार अष्टांग नमस्कार आसन से महिलाओं को माहवारी में होने वाले दर्द से भी छुटकारा मिलता है। 

भुजंग आसन के लाभ - Helth Benefits of Cobra pose  

आसन नंबर 7

भुजंग आसन पेट को कम करता है। देश में बहुत से लोग पेट बढ़ने की वजह से परेशान है ऐसे मे उन लोगों को इस योगासन को Benefits of Surya Namaskar के बाद अलग से भी करेंगे तो फायदा मिलेगा। 

यह आसन आस्थमा और साइटिका यानी कमर के निचले हिस्से मे अचानक होने वाले दर्द को मिटाने मे कारगर साबीत होगा। 

भुजंग आसन को थकान, कमज़ोरी, सिरदर्द जैसे रोगों को दूर करते हुए भी देखा गया है। इसलिए इसे नियमित करना चाहिए। 

पर्वत आसन के लाभ - Helth Benefits of Mountain pose 

आसन नंबर 8

पर्वत आसन कमर की चर्बी को कम करने के साथ पैरों की मांसपेशीयों को मजबूत बनाता है। कमर, कंधे, गर्दन इनके होने वाले दर्द से पर्वत आसन से छुटकारा मिलता है। 

फेफड़ों मे मज़बूती लाने के साथ शरीर का रक्त संचार भी पर्वत आसन से नियंत्रित रहता है। 

पर्वत आसन शरीर को एकदम लचीला बनाता है और शरीर के उपरी हिस्से तथा निचले हिस्से मे संतुलन बनाये रखने का काम करता है। 

इस आसन से पाचन तंत्र सुधरते हुए भी देखा गया है। और दिमाग को शांति प्रदान करने का भी काम करता है। जिस कारण तनाव से उत्पन्न होने वाले रोगों से मुक्ति मिलती है। 

दोस्तों सूर्य नमस्कार के 12 Steps में इन प्रमुख आठ आसनों से रोग दोष नष्ट होना ही सूर्य नमस्कार की आसली ताकत है। तथा इन आसनों का हर एक फायदा सूर्य नमस्कार का फायदा माना जाता है। 

आशा करता हुँ की आप Hindi Hints की इस पोस्ट से सूर्य नमस्कार (12 आसन) के लाभ -Benefits of Surya Namaskar (12 Steps) in Hindi को जान गये होंगे। आप को यह जानकारी पसंद आयें तो ज़रूर कमेंट बॉक्स में लिख कर अपनी राय दे। इस लेख को आप ने ध्यान से संपूर्ण पढ़ा इसलिए दिल से धन्यवाद!

ये भी पढ़िए :

बच्चे की मालिश के 10 स्टेप

UPI Payment क्या है? 

MLM जॉइन करे या ना करे?

पतंग उड़ाने के फायदे और नुकसान

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ