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सुरक्षित होली कैसे खेलें? | How to Play Safe Holi? in Hindi

सर्व प्रथम आप को "होली की हार्दिक शुभकामनाएं"

भारत का पारंपरिक रंगोत्सव बदलते जमाने के साथ ज्यादा आनंद के लिए अनोखे संशोधन के साथ धोकादायक भी होता जा रहा है। नयी तकनीक नये केमिकल युक्त आनंद दायक रंग स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसान पहुँचा रहे है। इसलिए सभ्य लोग इस संभ्रम मे पड गये हैं की होली खेले या नही? मैं उनसे कहूँगा जी बिल्कुल खेलिए लेकिन उसके पहले सुरक्षित होली कैसे खेलें? | How to Play Safe Holi? इस लेख को पुरा पढ ले और अनु पालन करें।


How-to-Play-Safe-Holi


रंगों की होली क्यों मनाना चाहीए?
 (Why should we celebrate Holi of colors?)

एक पल के लिए सोचों जिंदगी मे रंग ना होते तो कितनी बेअसर होती! जैसे कुत्ते को भगवान ने सूंघने की शक्ति देकर उसे रंग पहचानने की Power निकाल ली, वैसे कुछ अगर मनुष्यों के साथ होता तो इस रंगीन दुनिया का मज़ा Black and white मे कहाँ आता? इसलिए मनुष्यों को इस वरदान का पुरा लाभ उठान चाहिए। और साल मे एकबार आने वाला रंगों का त्योहार पुरी सुरक्षा के साथ ज़रूर मनाना चाहिए। और भारत के लोग मनाते भी है।लेकिन कैसे सुरक्षित खेले? How to Play Safe Holi?  कुछ तरीके आगे जान लो। 


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होली खेलने के सुरक्षित तरीके (Safe ways to Play Holi) 

लाल या गुलाबी रंग का  उपयोग ही ज्यादा करें जो दिखने मे भी अच्छा लगता है और आसानी से उतरता भी है।  बैंगनी, हरे, पीले, नारंगी रंग में बहुत हानिकारक केमिकल होते हैं इसलिए इनसे बचना चाहिए। इनको आंखों में तो बिल्कुल जाने ना दे।


Play Safe Holi के लिए अपनी आंखो की सुरक्षा के लिए Sunglass का उपयोग करना ना भूलें अगर ग़लती से कलर आँख मे चला भी जाये तो आंखों को ना मसले बल्कि तुरंत गुनगुने साफ पानी ले आंखे धो ले। 

अपने हाथ और पैर के नाखुनों पर Nailpaint की मोटी परत चढ़ाये जिससे उनकी सुरक्षा कर सके क्योंकि त्वचा से रंग उतर जाएगा मगर नाखुनों से जल्दी नहीं उतरता। 

चेहरे पर रंगों की संभावित हमलों से बचने की पुरी कोशिश करें अगर कोई लगा दे तो तुरंत आंख और ओंठ कस कर बंद कर दे। 

घर से बाहर होली खेलने के जब निकल रहे हो तो अपने चेहरे पर स्वयं बिना Chemical वाला कलर लेप कर निकले क्योंकि होली के खेल मे जिसको कलर ना लगा हो उसी का मुंह रंगाने मे पड़ोसी या दोस्तों को मज़ा आता है। एक बार आपका चेहरा पुरा भर जाए तो फिर कोई रूचि नहीं रखता। कोई पूछे इतना किसने लगाया? तो किसी दूसरे का नाम बता दो जो उनके परिचित ना हो। 

अगर कलर नहीं तो कोई ऑइली क्रीम तो ज़रूर लगाकर बाहर निकले जिससे वापस आने के बाद किसी का लगाया हुआ रंग धो कर निकालने मे आसानी हो। 

अपने बालों मे बहुत सारा तेल लगाकर निकले जिससे कोई भी रंग आपके बालों मे नहीं चिपकेगा और चिपकेगा भी तो शैम्पू से आसानी से निकल जाएगा। 

होली के दिन आपके पुराने फेंकने लायक कपडे ही पहने जिससे उन्हे धो कर कर कलर निकालने की नौबत ना आयें। और Play Safe Holi आनंद उठायें 

पूर्ण होली का उत्सव खत्म होने पर ही नहाये वरना बार-बार नहाने से साबुन मे उपस्थित कॉस्टीक आप की त्वचा को खराब कर सकता है। तथा शैम्पू के असर से बाल भी झड सकते है। और पानी की समस्या से भी जूझना पड सकता है। 

शरारत मे गिले फर्श पर दौडने या कुदने से बचे! वरना फिसल कर गीर सकते है जिससे हड्डियाँ टूटने का डर होता है। हो सके तो यह ध्यान रहे की पॉलिश फर्श पर कोई पानी या रंग ना गिरे इसलिए होली हमेशा घर के बाहर गली, आंगन या गार्डन मे खेले। 

प्राकृतिक (Natural) रंगों का उपयोग करने की कोशिश करें क्योंकि कृत्रिम (Artificial) रंगों में लेड, सिलिका, पारा, अभ्रक जैसे आत्यंत जहरीले रसायन होते हैं।

 यह त्वचा में जलन पैदा करने के साथ सूखापन भी लाते है  और त्वचा मे छोटे-छोटे कट लगते हैं। प्राकृतिक रंग अर्थात  हल्दी, कुमकुम, फूल, पत्तों का रस ज्यादा सुरक्षित होते हैं। आप भिगी हुई मेंहदी का भी उपयोग कर सकते हो जो चेहरे पर लगाने के बाद अगर सुख जाये तो महीने तक मुंह लाल समझो। 

प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना संभव नहीं हो रहा तो कम से कम अच्छी गुणवत्ता वाले विश्वसनीय ब्राँड के रंग ही खरीदे। जिससे  Play Safe Holi और खुशियां मनायें। 

यदि आप गंभीर रूप से मुहाँसों से पीडित है तो आप का उस साल होली नही खेलना ही अच्छा, क्योंकि आगे वाला कोई भी नहीं पूछेगा की आपके चेहरे पर रंग लगाएँ या नही। 

रंग उतराते समय यह याद रहे कि आप रंग उतार रहे है ना की चमडा, इसलिए धीरे-धीरे रंग सुखने के बाद नारियल के तेल मे रूई भिगोकर चेहरे पर  फिर गुनगुने पानी से धो ले बाद मे बच्चों वाला (बेबी सोप) साबुन लगायें। आप उसे 2-4 बार लगाकर धो सकते है। 


होली मे बच्चों की सुरक्षा कैसे करें? (How to protect children in Holi?)

बच्चों की त्वचा अत्यंत कोमल होती है इसलिए सबसे पहले उसका ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों को बाहर निकालने से पहले पूरे शरीर या खुले अंग पर नारियल का तेल भरपूर मात्रा में लगायें ताकी रंग आसानी से उतार सके। 

जितना हो सके उन्हें प्राकृतिक रंग ही खेलने के लिए दे। रासायनिक रंग उनकी त्वचा को हानी पहुँचा सकते है। 

रंगों से बचने के लिए बच्चों को Full size कपड़े ही पहनाये जिससे पूरा शरीर ढका रहे। टी-शर्ट, बरमुडा, मीनी स्कर्ट आदी ना पहनायें। 

बालों मे बहुत सारा तेल लगाकर उन्हे अच्छी तरह कस कर बांध दे। वरना होली खेलते समय colour बलों द्वारा टपक कर आंखो मे जा सकता है। 

बच्चे को यह समझा कर भेजे की कोई दूसरा बच्चा या उसके मां-बाप किसी कारण रंग खेलना नहीं पसंद करते तो उन पर ज़बरदस्ती रंग ना डाले। तथा जिसे भी डाले उसके आँख मे ना जाये इसका खयाल रखे। 

उत्सव के घमासान के 2-4 घंटे बच्चों को बाहर ना निकलने दे जिस समय रंग लगाने के लिए बड़ों की शरारत या गुंडागर्दी चलती है। बच्चों को तभी होली खेलने का मौका दे जब बड़े बाहर नही निकले हो या फिर खेल कर थक चुके हो। Play Safe Holi अर्थात सुबह या शाम को। 

बच्चों को भीगी जगह, किचड आदी पर दौडने से मना करे वरना पैर फिसल कर हड्डियाँ टूट सकती है। बड़े भी स्वयं इसका पुरा ध्यान रखे, क्योंकि एखाद बार बच्चों की हड्डियाँ जुड़ सकती है आप की नही। 

बच्चे को लंबे समय तक गिले कपड़ों मे ना घूमने दे वरना बीमार पड़ने की पुरी संभावना है। भींग जाने पर कपड़े उतार कर निचोड़ दे  सुखाकर फिर पहना सकते हो। 

बच्चों को होली खेलने से पहले खूब पानी पिलायें ताकी बीच मे प्यास ना लगे। वरना ओठों पर लगे कलर पेट मे जा सकते है। नहलाने के बाद ही उन्हे कुछ खाने पीने के लिए दे। 

आशा है कि Hindi Hints कि इस पोस्ट से आप को  सुरक्षित होली कैसे खेलें? | How to Play Safe Holi? इसकी जानकारी अब समझ मे आयी होगी। इसका उपयोग करके आप होली खेलेंगे तो जीवन मे बहुत खुशहाली आयेगी। आप अपने रंगों के खेल के अनुभव या सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स मे ज़रूर लिखना। पोस्ट को ध्यान से पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद!

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