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सूर्य नमस्कार के 10 चमत्कारी फायदे! - Surya Namaskar ke 10 Amazing Benefits in Hindi

सूर्य नमस्कार के 10 चमत्कारी फायदे! - Surya Namaskar ke 10 Amazing Benefits in Hindi

आप ने Surya Namaskar के बारे मे बहुत बार सुना होगा, आप को ये जानकर आश्चर्य होगा की ये योग जगत मे सबसे श्रेष्ठ है। और Surya Namaskar के 10 चमत्कारी Benefits भी है। जिसके बारे मे हम इस लेख मे जानने वाले है। इस लेख मे सूर्य नमस्कार से संबंधित लगभग सभी मुख्य प्रश्नों पर प्रकाश डाला गया है। 


Surya-Namaskar-Benefits-Hindi

सूर्य नमस्कार क्या है? 

सूर्य नमस्कार एक संपन्न यौगिक व्यायाम है। ये वो योग क्रिया है जिसे ऋषी मुनियों द्वारा संशोधित विभिन्न 12 योगासनों को मिलाकर बनाया गया है। मनुष्य शरीर का सूर्य से संबंध होने कारण इसे योगा के साथ सूर्य को प्रणाम करके कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए रचनात्मकता से बनाया गया है। इससे  मनुष्य शरीर के नाभि मे स्थित  केंद्र स्थान में मणिपुर चक्र विकसित होता है, जिससे मनुष्य सेहत के लिए बहुत सारे लाभ ही लाभ है।

सूर्य नमस्कार करने से क्या-क्या फायदे होते हैं? Surya Namaskar के 10 चमत्कारी Benefits

सूर्य नमस्कार के १० चमत्कारी फायदे नीचे दिए गए है आप ध्यान से पढ़िए। 

10 Benefits of Sun Salutation in Hindi

1. सबसे पहला Miraculous benefits है, मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है। सहन शक्ति बढ़ने के साथ तनाव से मुक्ति भी मिलती है। और आत्मविश्वास भी बढ़ता है, मानसिक शांति मिलती है, मन की एकाग्रता को बढ़ता है। 

2. शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है, शरीर को अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है, आयु के हिसाब से ऊँचाई और वजन संतुलित रहता है, काफी हद तक Surya Namaskar Weight Loss करने मे मदद करता है। 

3. शारीरिक चंचलता बढती है। जैसे कि दिमाग तेज़ होता है, शरीर मे ऊर्जा भरती है, और शरीर में फुर्ती और चुस्ती आती है तथा शरीर में अत्यधिक लचीलापन बढ़ता है। 

4. जो लाभ संतुलित अहार से भी नहीं होता वो चमत्कार सूर्य नमस्कार से होता है। शरीर को अतिरिक्त चरबी को कम करके पेट के आकार को सही दिशा देता है। इसके लिए थायराइड ग्रन्थि  के हार्मोंस को बढ़ाकर पेट के अतिरिक्त घेराव को कम करते है। 

5. सूर्य नमस्कार महीलाओं के मासिक धर्म चक्र को भी नियमित करता है। तथा गर्भ धारना से पहले नियमित सुर्य नमस्कार करने वाली महीलाओं के प्रसुती को भी आसान बनाता है। कभी सीजर की नौबत नहीं आती यह भी एक चमत्कारी Benefits है। . 


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सूर्य नमस्कार के लाभ (12 आसन)





6. सौंदर्य बढ़ाने मे मदत करता है, चेहरे की झुर्रियों को कम करके हमे कांतीवान बनाता है, चेहरे पर  निखार  वापस ला कर तेजस्वीता बढ़ाता है, तथा बढती आयु का असर चेहरे पर नही दिखता बल्कि व्यक्ति सदा जवान (Yang) लगता है। 

7. सूर्य नमस्कार का लाभ किन रोगों में होता है? इसका पहला जवाब है कि सभी रोगों का मुल कारण वात, पित्त और कफ़ दोष शांत हो जाते हैं। इसलिए आप अनेकों रोगों से बच जाते है, तथा रक्तचाप, Diabetes जैसी बीमारी पर भी नियंत्रण आता है। 

8. सूर्य नमस्कार से कहीं प्रकार के दर्द से राहत मिलती है। जैसे कि पीट दर्द, जोड़ों में दर्द, कमर दर्द, गर्दन में दर्द आदी मे आराम मिलता है,और धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है। 

9. खाना पचाने वाले (Food digesters) रसों का ज्यादा मात्रा में स्त्राव होने कारण पाचन क्रिया शक्तिशाली बनती है। और पेट में बन रही गैस जल्दी बाहर जाती है, जिससे हमेशा पेट हल्का-हल्का सा बना रहता है।

10. शरीर का मुख्य ढाँचा मतलब हड्डियाँ होती है, इन्ही का मजबूत होना बहुत जरूरी है, जो ये काम भी सूर्य नमस्कार करता है। सूर्य कि किरणों से भरपूर मात्रा मे विटामिन "डी" मिलता है, जिससे बनने वाले कैल्शियम से हड्डियाँ मजबूत होती है। 

तो यह १० चमत्कार वाले फायदे है।  इसके अतिरिक्त वजन काम करने वाला फायदा भी बहुत कारगर है। उसे आप नीचे पढ़ सकते हो। 

सूर्य नमस्कार वेट लॉस - Surya namaskar weight loss in Hindi 

मोटापा भी एक बीमारी की तरह है जो व्यक्ती को पीठदर्द, डयबीटीज, ब्लडप्रेशर, हार्टअटैक जैसी बीमारीयों को जन्म देने मे मदद करता है। 

इसलिए जरूरी है की समय पर मोटापे का इलाज किया जाना आवश्यक है। और इसके लिए सुर्यनमस्कार एक रामबाण दवा की तरह काम करता है। सुबह उठकर रोज कम से कम 13 सुर्य नमस्कार किजिए और फिर देखिए जादू। इसे करने मे शरीर मोटा होने कारण पहले थोड़ी तकलीफ़ जाती है किंतु धीरे-धीरे आदत पड़ती है। आप चाहो तो इसे रोज 2-4-6-8 इस क्रम से भी बढ़ा सकते हो। 

सूर्य नमस्कार से कितनी कैलोरी बर्न होती है?

मोटापा कम करने के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति हर क्रिया में कैलोरी का गणित जरूर रखते है क्या खाने से कितनी कैलोरी बढती है और कोन से योगासन से कितनी कम होती है इसपर उनका ध्यान होता है। इसलिए सुर्य नमस्कार से भी कितनी उर्जा घटती है? इसका मूल्यांकन जरूरी है। 

साधारणतया सुर्य नमस्कार के 12 आसनों से 13.90 कैलोरी बर्न होती है। इस हिसाब से कैलोरी मिटर लगाया जा सकता है। 


सूर्य नमस्कार कब करना चाहिए?

सूर्य नमस्कार के लिए सुबह सूर्योदय से 1 घंटा पहले उठना होगा। जिसके बाद टॉयलेट-बाथरूम मे जाकर  आपने सारे काम निपटा ले और फ्रेश हो जायें। एक बात पक्की ध्यान रहे की आप ने पहले 4-5 घंटे तक कुछ खाया ना हो पेट एकदम खाली होना चाहिए। 

अब किसी शांत जगह पर जायें जहाँ पर भरपूर मात्रा मे सूर्य की कोमल किरणें (Soft Rays of the sun) बरस रही हो। गार्डन ना हो तो भी आजु-बाजु मे पेड़, पौधे बडी मात्रा मे हो, जिनसे श्वास लेते समय एकदम ताज़ा ऑक्सीजन (Oxygen) मिले। आप सुबह ही नही बल्कि शाम के समय भी सूर्य नमस्कार कर सकते हो, बस आपका पेट खाली होना चाहिए। 

सूर्य नमस्कार कितनी बार करना चाहिए? 

अब सवाल आता है Surya Namaskar कितनी बार करना चाहिए? जिससे हमको सभी Benefits मिलेंगे! वैसे तो सामन्यता 13 सूर्य नमस्कार करना चाहिए, जिसके लिए सूर्य के नामों से 13 मंत्र भी प्रसिद्ध है। लेकिन कम से कम 5 सूर्य नमस्कार तो ज़रूर करना चाहिए। और नियमित रूप से करना चाहिए। इसके अतिरिक्त आप ज्यादा करना चाहो तो वो आप के शरीर क्षमता पर निर्भर करता है। क्योंकि हर व्यक्ति कि शरीर संपदा अलग अलग-अलग होती है। 

सूर्य  नमस्कार के विविध 12 आसन प्रकार

सूर्य नमस्कार के कुल मिलाकर 12 आसन है। लेकिन उसमे से 4 आसन डबल है इसलिए मुख्य आसन 8 ही है तथा हर सुर्य नमस्कार के बाद "हस्तपादासन" मे पैरों को दायां-बाया, बदलना जरूरी होता है। 

1> प्रणाम आसन...

Prayer pose

2> हस्त उत्तानासन...

Raised Arms pose

3> हस्तपादासन ...

Hand to Foot pose

4> अश्व संचालनासन...

Equestrian pose

5> दंडासन...

Stick pose

6> अष्टांग नमस्कार आसन...

Salute With Eight Parts Or Points

7> भुजंग आसन...

Cobra pose

8> पर्वत आसन...

Mountain pose

9> अश्व संचालनासन...

Equestrian pose

10> हस्तपादासन...

Hand to Foot pose

11> हस्तउत्तानासन...

Raised Arms pose

12> प्रणाम आसान...

Prayer pose

सूर्य नमस्कार सावधानी

1: सूर्य नमस्कार करते समय श्वास लेने और छोड़ने के नियमों का गंभीरता से पालन करना पड़ेगा। वरना इसके विपरीत परिणाम भी भुगतने पड सकते है। 

2: गर्भवती महिला को गर्भ धारण करने के बाद से करना बंद कर देना होगा।

 3: स्त्रीयों को मासिक पीरियड के समय मे सूर्य नमस्कार या कोई भी आसन नहीं करना चाहिए।

4: पीट दर्द एवं जोड़ों के दर्द की समस्या हो तो करने से पहले डॉक्टर्स की सलाह लेना बहुत जरूरी है।

5: तेज़ बुख़ार, जुलाब या कमज़ोरी वाली कोई भी बीमारी से बीमार हो, तो सूर्य नमस्कार नहीं करना ही अच्छा होगा।

6: Blood pressure और हार्नियां के मरीज़ों को नहीं करने की राय दी जाती है।


सूर्य नमस्कार का लाभ किन-किन रोगों में होता है?

दोस्तों हमने सूर्य नमस्कार के फायदे तो जान लिए है लेकिन अब उसके १२ आसन अनुसार प्रत्येक आसन का किस रोग में फायदा होता है इसकी विस्तार से जानकारी होना जरूरी है इसके लिए हमने एक स्पेशल आर्टिकल लिखा  है।  सूर्य नमस्कार के लाभ (12 आसन) - benefits of surya namaskar (12 steps) in hindi इस लिंक पर क्लिक करके आप वह लेख पढ़ सकते हो जो आप के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। 


आशा करता हूँ आप Hindi Hints की इस पोस्ट मे Surya Namaskar के 10 चमत्कारी Benefits के बारे मे जान गये होंगे। तथा सूर्य नमस्कार की अन्य जानकारी के उपर निर्माण होने वाले कुछ प्रश्नों का समाधान करने का प्रयास हमने यहाँ किया है। आपके जीवन मे इस जानकारी का ज़रूर फायदा होगा ऐसी अपेक्षा करता हूँ। पोस्ट को ध्यान से पढने के लिए दिल से धन्यवाद! अपनी राय को कमेंट बॉक्स मे लिखना ना भूले, फिर से धन्यवाद! 

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