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बच्चों को ट्यूशन कैसे पढ़ाएं? (घर पर) - Tuition at home in Hindi

बच्चों को ट्यूशन कैसे पढ़ाएं? (घर पर) - Tuition at home in Hindi 

आप टीचर नहीं बन पाये लेकिन आत्म विश्वास और जिज्ञासा है बच्चों को पढ़ाने की या बाहर Tuition फिस बहुत है और आप घर पर पढा सकते है या फिर आप के कमाईका जरीया ही ट्यूशन है तो आप सही जगह आयें हो जानकारी हासिल करने के लिए। बच्चों को ट्यूशन कैसे पढ़ाएं? (घर पर) - Tuition at home in Hindi इस लेख को ध्यान से पूरा पढ़िए। 


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Tuition के बारे मे जानकारी

ट्यूशन बच्चों के लिए वह शिक्षा माध्यम है जो स्कुल के अतिरिक्त कम समय मे क्वालिटी वाली पढ़ाई देता है। इसमें बच्चे को स्कूली पाठ्यक्रम के मुख्य बिंदुओं पर सार रूप मे ध्यान आकर्षित कर बच्चे को  Exams की दृष्टिकोण से सक्षम बनाया जाता है। 

हम आगे जानेंगे की वास्तव में ( Tuition at home )ट्यूशन पढाया कैसे जाता है। 


बच्चों को घर पर कैसे पढ़ाएं? - How to Teach Tuition at home in Hindi

मुझे बहुत से लोगों ने यह प्रश्न पुछा है की Home tutor बनकर  बच्चों को कोचिंग कैसे पढ़ाया जाता है? क्योंकि  बच्चे बहूत चंचल होते है। और हमारे लाड प्यार से कुछ बिघड भी जाते है। ऐसे मे हमे टिचर की तरह उनपर अनुशासीत तरीके से पढाना मुश्किल जाता है। 

लेकिन अब आप चिंता मत कीजिए नीचे दिये गया बच्चों को  पढाने का तरीका अपनाये तो बिल्कुल सफल होंगे। 

बच्चों को Tuition पढ़ाने के लिए बच्चा बनो

बच्चों को पढ़ाने के लिए Tuition teacher बनने से पहले हमको बच्चा बनना होगा क्योंकि बच्चे बड़ों से ज्यादा अपनी उम्र के बच्चों में ही घुल-मिल जाते हैं। इसलिए हमे अपने बचपन को याद कर उसी हावभाव को फिर से दोहराना होगा। बच्चों को मां-बाप की तरह नहीं बल्कि उनके Close friend बन कर पढाना होगा।

बच्चों में से जब आप के बड़े होने का एहसास खत्म हो जाएगा तो वह आप के बिल्कुल एक दोस्त की तरह पेश आते है। एक बार अगर बच्चों का दिल जीत लिया तो समझो वो आपकी हर बात मानने को तैयार हो जाते है। 

बच्चों को खेल रूप मे पढाओ

बच्चों को खेलना बहुत पसंद होता है इसलिए बच्चों की पढ़ाई खेल से शुरू कीजिए आजकल सरकार भी इसी कोशिश में लगी है क्योंकि खेल रूप मे पढाया हुआ बच्चों को अच्छी तरह याद रहता है। इसलिए कभी गीत के रूप मे तो कभी कथा के रूप में उनका मनोरंजन करते हुए Tuition at home पढाओ आजकल के बच्चे बहुत समझदार है उन्हे सभी बातों का पता है बस आप को उन बातों मे से अच्छा क्या है और बुरा क्या है इसका विश्लेषण उनको समझाना है। 

हम एक उदाहरण लेते है। समझो आप ने बड़े प्यार से  संख्या मिलना घटाना वाला गणित सिखाया, बच्चे समझ भी गये, लेकिन उनको ये भी पता है की कैलकुलेटर की साह्यता से एक क्लिक में उत्तर निकलता है।

इस समय आपका कर्तव्य बनता है की उनको प्यार से समझायें अपने दिमाग का उपयोग करके निकाला गया उत्तर कितना फ़ायदेमंद है। वरना उनके आगे तो दोनो बराबर है। इसलिए अच्छे बुरे की बाज़ी आप को संभालना है वह भी खेल रूप मे

बच्चों को तस्वीरों से सिखाएं

बच्चों को तस्वीरों मे बड़ी दिलचस्पी होती है। हम भी जब बच्चों की उम्र के थे तो नयी कक्षा की नयी किताबें आते ही पहले उन्हे छपी तस्वीरें देखते थे। इसलिए कुछ नया सिखाने वाली ज्ञानवर्धक तस्वीरें और वस्तुओं का उपयोग करना भी  बच्चों को पढ़ाने का अनोखा तरीका होगा। इससे बच्चे बोर नहीं होंगे। उनमें नया-नया ज्ञान पाने की जिज्ञासा और ज्यादा उछल खायेगी। हम एक उदाहरण लेते है। 

समझो बच्चों को बैल पता है। वह रोज़ घर के पास देखते भी है। और एक दिन आप ने बैलगाडी का चित्र दिखाया (जो ट्रैक्टर की वजह से वर्तमान समय लगभग लुप्त हो चुकी है।) उनको आश्चर्य लगेगा वह उसके बारे मे सोचने लगेंगे और आप से तरह-तरह के प्रश्न भी पुछेंगे। यही उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होता है। 


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थ्योरी से ज्यादा प्रॅक्टिकल पर ध्यान दे। 

बच्चों को जब थ्योरी पढाया जाता है तो वह अपनी दिमाग मे उसका चीत्र बुनते है। और याद रखने की कोशीश करते है लेकिन जब यही उनसे क्रिया के रूप मे करके दिखाये तो वह कभी नही भुलेंगे। और समझने मे भी आसानी होगी। एक उदाहरण लेते है। 

समझ लो आप ने पढाया घनत्व किलोग्राम से गिनते है और पानी दूध द्रव पदार्थ लीटर से गिनते है। अब अगर यही बात आप प्रत्यक्ष तराजू ला कर और दूध वाले से माप लाकर प्रत्यक्ष कर के दिखाये तो उनको पढने मे रूची उत्पन्न होगी। 

 पढाने का निश्चित समय तय करे

अगर बच्चों को घर पर पढाना है तो भी बच्चों को Tuition at home पढ़ाते समय हर 30 मिनट के बीच थोड़ा अंतराल ज़रूर रखे और जब एक विषय बदल कर दूसरा पढाना हो तो भी कुछ अंतराल रखे इससे बच्चों के दिमाग पर प्रेशर (Pressure on brain) नहीं आएगा। 

इसके बाद पढ़ाने के लिए कुछ घंटे निश्चित करे सुबह का समय बच्चों की ट्यूशन के लिए बहुत उपयुक्त होता है। इस समय पढने वाले और पढ़ाने वाले दोनों का दिमाग फ्रेश रहता है। 

बच्चों की प्रश्नों का उत्तर समझदारी से दे। 

बच्चे बहुत बार भोले होने कारण और जिज्ञासा मे अनेक प्रश्न पुछते है जिसमें से कुछ उडपटांग यानी बे मतलब भी होते है। ऐसे मे हमे अपना संतुलन नहीं खोना है और गुस्सा भी नहीं करना है। जितना हो सके प्यार से उन्हे जवाब दे। वरना वो नाज़ुक मन के होते है। जल्दी रूठ जायेंगे उदासी महसूस करेंगे इसका परिणाम उनके  विकास और समझदारी पर भी होगा। जीन प्रश्नों का उत्तर आप के पास नही है उनका उत्तर कभी गलत ना दे वरना वह उनके जीवन का नुकसान कर सकता है। आप प्यार से उसे टाल दे और कहे की मै बाद मे बताउँगा और किसी तरह उसके दिमाग से वह प्रश्न भुला दे।

उदाहरण मे समझ लो अगर कोई बच्चा आप से पूछ ले की इन्सान कैसे बनता है कौन बनाता है। तो उसकी आयु के हिसाब से आप को जवाब देना होगा। कम उम्र के बच्चों को इस इन प्रश्न के जवाब Critical होने कारण नहीं देने चाहिए उनकी दिमागी शक्ति कम होती है। जिस कारण वह और प्रश्नों पर प्रति प्रश्न करेंगे। तथा झुट जवाब तो बिल्कुल नहीं देना चाहिए। बस किसी तरह टाल देना है। 

बच्चों को पढ़ाने के लिए कैसे प्रेरित करें?

याद रहे बच्चे उसी तरफ भागते है जहाँ उनको मज़ा आता है या फिर नया कुछ देखने को मिलता है।  इस बात को ध्यान मे रखकर आप को पढ़ाई का माहोल बनाना होगा। उसके लिए कुछ ख़र्चा भी हो सकता है। 

बच्चों को Tuition पढ़ाई के बदले मे घूमने ले जाने का वादा करना और उसे पुरा करना, आस्क्रिम खिलाने का वादा करना और खिलाना इस तरह भी धीरे-धीरे उनको आकर्षित कर सकते है। याद रहे इसकी भी आती ना हो वरना बच्चों को इसकी आदत पड जाएगी। 

बच्चों को बार-बार पढ़ाई के फायदे बताना भी जरूरी है। साथ मे उनको ऊँचे सपने भी दिखाया करें ताकी वह उन सपनों की मंज़िल तक पहुचने मे जुट जाये और स्वयं अपना लक्ष बना ले। 

इस लेख के बाद हम देखेंगे की बच्चों को ऑनलाइन कैसे पढ़ाएं? अर्थात Online Tuition kaise padhaye इस विषय पर जानकारी। 

आशा करता हूँ की दोस्तों की बच्चों को ट्यूशन कैसे पढ़ाएं? (घर पर) - Tuition at home in Hindi इस लेख का उद्देश्य यही था की मां हो या बाप  घर पर ही बच्चों को पढ़ाने वाली टीचर बनकर खेल खेल में बच्चों को कैसे पढ़ाएं? इस बात को आप अच्छी तरह समझ गये होंगे। तथा आप को यह लेख पसंद आयें तो कमेंट बॉक्स मे ज़रूर लिखना। आप के सुझाव का भी स्वागत है। आप ने ध्यान से Hindi Hints का यह पुरा लेख पढ़ा इसलिए दिल से धन्यवाद!

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