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चाय पीने के विशेष फायदे और नुकसान - Tea drinking benefits and loss Hindi

चाय पीने के विशेष फायदे और नुकसान - Tea drinking benefits and loss Hindi

प्रणाम दोस्तों, आज हम सारे भारत को अपने चपेट मे लेकर अपना विशेष स्थान प्राप्त करने वाली हमारी प्यारी चाय (Tea) के गुण अवगुणों के बारे मे हम चाय पीने के विशेष फायदे और नुकसान - Tea drinking benefits and loss Hindi इस शीर्षक के साथ चर्चा करेंगे। 

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चाय पर चर्चा  ( Discuss Tea ) 

चिंता मत करो चर्चा के बाद मैं आप से कोई चुनाव का वोट मांगने नहीं आउंगा चर्चा सिर्फ इसलिए कि अंग्रेजों द्वारा लायी गयी अपनी शरीर कि गर्मी का संतुलन रखने के लिए चाय कैसे भारत में चमत्कार का काम करती है देखना है। रूठे को मनाती है, नामुमकिन काम को भी एक कप चाय मुमकिन बनाती है। इस में इतनी ताकत है कि कभी-कभी हजारों का सस्ता सौदा भी लाखों में मुनाफ़ा करवा देती है और ग्राहक को अपना बना देती है। रिश्तेदार को भले कितनी मीठी बातें करो बाहर निकलने के बाद ज़रूर कहेगा साला कंजू स चाय के लिए भी नही पूछा। 

इतनी हमारे आम जिन्दगी से लिपट चुकी Tea भारत मे 19 वी सदी मे अंग्रेजों द्वारा असम की बागानों मे उगाई गई लेकिन इसका असली इतिहास कुछ और है। 

चाय का इतिहास - History of tea in Hindi 

आजकल लोगों को लुभाने लिए  चाय के अनेक प्रकार निकले है जैसे  Matcha चाय , Ginger tea , इलायची वाली चाय वगैरह लेकिन  इतिहास कुछ ऐसा है। 

कहा जाता है कि 2000 साल पहले बौद्ध भिक्षु इसे दवा के के रूप मे उपयोग करते थे। उसके पिछे कि कहानी यह है कि एक बौद्ध भिक्षु 7 साल तक जाग कर बुद्ध कि शिक्षाओं पर विचार कर जीवन के सत्य को जाना जब उनका चिंतन पांचवें साल मे पहुँच गया तो उन्होने कुछ जंगली पत्तीयों को खाना शुरू कर दिया  इन पत्तीयों से उन्हे फुर्ती और जागने मे मदत मील रही थी इस तरह पूर्ण सात साल तक वह जाग कर अपनी तपस्या सफल करने मे सफल रहे इस तरह बाद मे भारत के लोगों ने इन जंगली पत्तीयों को चबाना शुरू किया और आश्चर्य कि बात यह है कि वह जंगली पत्तीयाँ और कुछ नहीं बल्कि आपकी अपनी चाय है। 


चाय पीने के फायदे - Benefits of drinking Tea

जिस चाय का इतिहास ही कुछ फायदे से शुरू हुआ हो उसकी गुणगान के बारे मे अब क्या कहना फायदा ही फायदा

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढाती है। 

चाय सेहत के लिए फ़ायदेमंद इसलिए है कि Tea मे मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट और Phytochemicals आप की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते है। जिससे आप को अनेक छोटे-मोटे रोगों से लढने मे मदत मिलती है। अगर यही चाय अदरक वाली हो तो सर्दी जुकाम भी ग़ायब हो जाते है। 

हार्मोंस संतुलन बनाये रखती है। 

महिलाएँ अगर चाय में अदरक, दालचीनी डालकर पीती है तो उनके Hormones में संतुलन बनाये रखने मे शरीर को मदद मिलती है। उन्हे मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द, पीड़ा से छुटकारा मिलता है। 

उत्तेजकता बढती है। 

चाय का संशोधन एक उत्तेजक पेय के रूप मे हुआ है। चाय पीने से व्यक्ति की उत्तेजना बढती है। वह अपने आप को स्ट्रांग और कुशल महसूस करता है। इसीलिए तो देश मे लाखों कारीगर काम के बीच-बीच मे समय निकाल कर चाय पीते है। जिससे उन्हे थकान दूर होकर उर्जा मिलती है। जो इलेक्ट्रॉनिक मेकॅनिक को डिवाइस रिपेयरिंग मे बहुत कोशिश करने के बाद भी फॉल्ट नहीं मिल रहा वह एक कप Tea पीने के बाद चुटकीयों में Repair कर देते है। ऐसा कुछ लोगों का अनुभव रहा है। 

मेरे कहने का मतलब है चाय की उत्तेजकता से दिमाग भी तेजी से काम करने लगता है। 

नींद भगाने के लिए उपयोगी

जीवन बहुत बार हमे रात को जागने की आवश्यकता पड़ती है। किसी-किसी को मजबूरी वश नाइट मे Over Time करना पड़ता है। या ड्यूटी की Night shift लग जाती है। तब व्यक्ति को अपनी ड्यूटी को निभाने के लिए रात में जागरण करना पड़ता है। जो प्राकृतिक तरीके से आने वाली नींद को टालना बहुत कठीण होता है किंतु चाय के इतिहास में आप ने पढ़ा की चाय के पत्तीयों की खोज नींद तपस्या के लिए जागने हेतु हुई थी। तो चाय हमको रात में जागने के लिए मदद करती है। उसके पीने से नींद की तकलीफ़ बिल्कुल नही होती। मस्तिष्क अपनी थकान भूल जाता है। 

भूख रोकने मे उपयोगी

भूख ना लगना चाय पीने का फायदा तो नहीं कह सकते लेकिन जहां खाना ठीक से ना मिले, खाना बनने मे देरी हो, या उपवास हो तो अपनी भूख को कंट्रोल करने के लिए एक अच्छा उपाय है। हम इसे फायदे के रूप में देख सकते है। हां किसी भी चीज की जब आती होती है तो उससे नुकसान तो होता ही है ठीक वैसे ज्यादा और समय-समय पर चाय पीने से भूख हमेशा के लिए कम हो जाती है। 

आंखों मे सुंदरता लाने के लिए उपयोगी

चिंता, शराब, जागरण, एलर्जी आदी कारनों से अगर आंखों में सूजन हो जाए तो उपयोग किये गये दो Tea bag आंखे बंद करके 30 मिनट तक उनपर रख दो चाय मे मौजूद कैफीन नामक घटक सृजन वाली नसों को नरम करता है और सृजन कम हो जाती है

धुप से चेहरा काला पडना

तेज धुप मे मजबुरन जाना पडा और धुप से जलकर चेहरे की त्वचा काली हो गयी तो चींता मत कीजिए ठंडे पानी मे चाय पत्ती भिगोकर त्वचा पर लेप लागाये तुरंत प्रभाव देखने को मिलेगा। त्वचा पहले जैसी सुंदर दिखने लगेगी। 

बालों को चमकदार बनाने के लिए चाय

चाय की पत्ती में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉन्स पाये जाते है है खास कर Green tea में क्योंकि इस चाय की पत्ती को ऑक्साइड नही किया जाता है इसलिए उसमे नॅच्युरल गुण मौजूद रहते है। इस Tea पत्ती को बालों मे लगा कर कुछ समय के लिए सुखाये फिर गुनगुने पानी से धोये बाल चमकदार और शाइनिंग वाले बनेंगे। इसमे मौजूद विटामिन बी के कारण दोमुहे बालों की संख्या कम होती है। और बालों मे रूसी कम होती है। बाल मुलायम, मजबूत बनते है। 

इंजेक्शन की तकलीफ से छुटकारा

किसी की त्वचा कठीण हो तो उसे इंजेक्शन लगाने पर बहुत तकलीफ़ होती है इतना ही नही इंजेक्शन के बाद भी दो-चार दिनों तक ये दर्द कम नहीं होता इसलिए जहाँ पर इंजेक्शन लेना है वहाँ 15-20 मिनट पहले चाय कि पत्ती ठंडे पानी मे भिगोकर लेप लगायें त्वचा मुलायम होगी और इंजेक्शन की चुभन भी कम महसूस होगी। 

Benefits-of-drinking-Green-tea


Green Tea पीने के फायदे!

चीन और भारत के लोग पुरातन काल से हारी चाय का उपयोग रक्तस्राव रोकने और घावों को भरने के लिए करते आयें है। 

ग्रीन टी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के साथ पाचन संस्था को मदत करना और दिल की बीमारी एवं मानसिक स्वस्थ्य में लाभ प्रदान करती है। 

ग्रीन टी में मौजूद कटेचिन से शरीर से अतिरिक्त कैलोरी जलाने मे मदत करता है। रोज़ एक कप हारी चाय पीने से कमर की चरबी कम होती है और वजन घटने में मदत मिलती है। 

दातों की रक्षा के लिए ग्रीन टी बहुत महत्वपूर्ण काम करती है। चाय में कटेचिंस (catechins), पॉलिफेनोल्स (polyphenols), फ्लोराइड (fluoride) प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। जो बैक्टेरिया को मारने के लिए बेहद प्रभावी है। इसलिए दाँतों में किडा लगना, सांसों में बदबू आना इत्यादि दाँत और मुख के रोगों मे फायदा होता है। 

कैंसर का इलाज होता है। जी हाँ दोस्तों शायद आपको पढ़कर विश्वास नहीं हुआ होगा लेकिन Green tea मे अधिक मात्रा मे मौजूद पॉलिफेनॉल का स्तर कैंसर के कोशिकाओं को मारने मे मदद करता है। और उनकी वृद्धि को रोकता है। किंतु ये कैंसर कोशिकाओं को कैसे मारती है इसकी अभी तक कोई स्पष्ट नहीं हुई है। हाँ ग्रीन चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट विटामिन "सी" से 100 गुना और विटामिन "ई" से 24 गुना अधिक प्रभावशाली है इतना पता चला है। 

और भी बहुत सारे छोटे मोटे फायदे है ग्रीन टी पीने के 

जिस के लिए एक स्पेशल आर्टीकल लिखना पड़ेगा। 

Benefits-of-drinking-Black-tea


काली चाय पीने के फायदे! - Benefits of drinking Black tea in Hindi

दोस्तों देश में 90% लोग दूध वाली चाय पीते है लेकिन हम दूध की चाय पीने के फायदे के बारे में ना सोचे तो ही अच्छा है क्यों की उसके कुछ खास फायदे नहीं है। इसलिए हम Milk tea या White tea के बजाए काली चाय के फायदे के बारे में जानेंगे। 

आजकल 100 में से 70 लोग एसिडिटी से परेशान रहते है और काली चाय का पहला सबसे बड़ा फायदा आप को Acidity से मुक्ती मिलती है। 

ब्लैक टी पीने वाले पसीने के बदबू से परेशान नहीं होते। सुबह उठकर जो काली चाय पीते है उनके पसीने में बहुत ज्यादा बदबू नहीं आती क्योंकि काली चाय में उपस्थित गुण बैक्टीरिया को पनपने नही देते।  

अगर आप दिन में अंतराल से 3 से 4 कप काली चाय पीते है तो दिमाग तेज़ होगा और याददाश्त भी बढ़ेगी। मानसिक तनाव कम होगा और आप खुद को पहले से जादा सतर्क और सक्रिय महसूस करेंगे। 

काली चाय मे मौजूद कैफिन आपको कॉफी और कोला से भी जादा उर्जा देता है। इसलिए पीने के बाद आप स्वयं को Strong महसूस करने लगते है। मस्तिष्क सतर्क बनने कारण शरीर मे उर्जा का संचार निरंतर बना रहता है। 

चीनी डालकर Black tea पीने के बजाए गुड डालकर अगर काली चाय पिये तो शरीर को दोहरा फायदा मिलेगा। क्योंकि गुड़ मे भी बड़ी मात्रा मे शरीर को आवश्यक तत्व मिलते है। 

डायबिटीज़ (Diabetes) में भी फ़ायदेमंद होती है काली चाय उसमें चीनी की जगह गुड डालकर पीया जाए तो उस मे  थियाफ्लेविंस नामक पॉलीफेनॉल होता है। जो रक्त मे मौजूद शर्करा के स्तर को कम करता है। 

ब्लैक टी मे मौजूद फाइटोकेमिकल्स की वजह से उसे पीने वाले लोगों की हड्डियाँ औरो के मुकाबले जादा मजबूत होती है।  30 वर्ष उम्र के बाद बढते उम्र के साथ व्यक्ति की हड्डियाँ भी कमजोर होने लगती है इसलिए इस उम्र के बाद रोज़ 2-4 कप Black tea ज़रूर पीनी चाहिए। 

सूजन को कम करती है

कुछ लोगों के हाथ पैर में अक्सर सुजन आती है। लेकिन उचित मात्रा में चाय पीने वालों को सूजन से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा मील सकता है। दरअसल, चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाये जाते हैं, जो सूजन को दूर करने मे मदत करते हैं। 

नींबू की चाय के फायदे!

नींबू डालकर काली चाय (lemon tea) पीने से शरीर का खराब वाला Cholesterol घटता है। जिस कारण हमारा वजन भी कम होते जाता है। 

नींबू  डालकर काली चाय पीने से जुलाब की समस्या में भी फायदा होता है। पुराने ज़माने में यह उपाय बहुत कारगर माना जाता था। 

चाय पीने के नुकसान कौन से है? - Helth Loss of drinking tea in Hindi

दोस्तों अब तक हमने उपर चाय के बहुत फायदे पढ़े और उसकी तारीफ भी सुनी लेकिन जब किसी भी चीज की आती होती है तो उसके नुकसान भी होते है। अब चाय में अति फायदे है तो उसके थोडे बहुत नुकसान भी होंगे। तो चलिए जानते हैं Tea ke nuksan hindi me चाय पीने के नुकसान कौन से है। 

बच्चों को चाय पीने के नुकसान

बच्चों को चाय की लत अगर एक बार लग जाये तो वो जिंदगी भर साथ नहीं छोड़ती और इसके गंभीर परिणाम उसके शारीरिक विकास पर होते है, जैसे उनका वजन ना बढ़ना, चाय की लत से बैचेन होना आदि। इसके अतिरिक्त नीचे बड़ों के लिए दिए गए सभी Tea ke side effects बच्चों में भी होते है। 

सुबह खाली पेट चाय पीने के नुकसान

कुछ लोग विदेशी कल्चर को देखकर सुबह उठकर Bed tea पीने की आदत डाल लेते है।  लेकिन भारत के उष्ण मौसम के हिसाब से ये बिलकुल गलत है। हमें उसके अनेक दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते है। भूख ना लगना, नींद ना आना, चेहरे पर मुँहासे आना आदि। 

 चाय के दुष्प्रभाव

एकबार में जादा चाय बनाकर रखना और उसे ही बार-बार गरम करके पीना सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता खासकर दूध और चीनी डालकर बनायी गयी Tea अगर समय पर ग्रहण नही की जाए तो वह कुछ घंटे बाद धीरे-धीरे जहर की तरह बनते जाती है। इसके अतिरिक्त चाय के दुष्प्रभाव कुछ इस प्रकार है। 

भूख ना लगना 

चाय का पहला दुष्परिणाम या नुकसान है भूख ना लगना। जी हां दोस्तों इसे हमने फायदे की तरह देखा था किंतु जो व्यक्ति शरीर से पहले ही दुर्बल हो, बहुत जादा उपवास वृत्त रखता हो और भूख टालने के लिए बार-बार चाय पीता हो तो उसकी Wickness और बढ़ जाएगी तथा परिणाम स्वरूप उसकी रोगप्रतिरोधक शक्ति बहुत कम हो जाएगी। और वह सदा बीमारी से घेरा रहेगा। 

 एसीडीटी और अनिद्रा

ज्यादा चाय पीने से एसिडिटी तो अब आम बीमारी हो चुकी है इसके अतिरिक्त चक्कर आना, अनिद्रा, बेचैनी बढना इसके साथ और हड्डीयाँ कमजोर हो जाती है। 

डायबिटीज़ के शिकार

Sweet tea पीने की आदत वालों को सावधान रहना चाहिए कुछ लोग दिन भर में 4-5 चाय कडक मीठी यानि एक कप में 2-3 चम्मच यानी दिन के दस-पंद्रह चम्मच शक्कर शरीर में जाती है। मतलब बढती उम्र मे व्यक्ति का डायबिटीज़ का शिकार होना पक्का है। 

 चाय के बड़े नुकसान में और एक बात शामिल है, 

चाय की लत लगना

अगर व्यक्ति को चाय पीने की आदत लग जाये और समय पर चाय ना मिले तो वह बेचैन होने लगता है। मन की एकाग्रता भंग होती है। बे वजह नींद आती है और बिना काम के थकान महसूस होती है। चाय की लत जीवन को  निराश और हताश बना देती है। 

गर्भपात का ख़तरा

चाय मे बड़ी मात्रा में कैफिन होने के कारण गर्भ में शिशु का विकास घट जाता है और शरीर मे गर्मी का प्रमाण बढ़ने कारण गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए स्त्रियों को प्रेग्नेंसी पिरिअड (Pregnancy period) के दौरान चाय (Tea) को जीतना हो सके टाल देना चाहिए। 

हाथ पैर में दर्द होना

कुछ जादा चाय पीने वाले लोगों में यह समस्या बडे पैमाने पर अनुभव की गयी है। चाय का परिणाम हड्डियों पर भी पड़ने कारण कम उम्र में पैर दर्द या सोते समय पैर दर्द होना इसमें चाय के दुष्परिणाम का भी योगदान है। 

चाय में कैफिन के साथ टेनिन नमक तत्व भी होता है। जो शरीर में आयरन के अनशोषण को कम करता है। और Iron  के कमी के कारण शरीर विविध व्याधियों का शिकार होता है। 


एक दिन में कितने कप चाय पीना चाहिए? 

मुझे लगता है कुछ लोगों के  भी यह प्रश्न अधूरा है How many cups of tea should you drink in a day? अर्थात एक दिन में कितनी चाय पीना चाहिए? 

मित्रों अंत में मै यह कहूँगा की चाय एक आयुर्वेदिक औषधि है अगर उसका सही तरीके सही समय पर से उचित मात्रा में सेवन किया जाए तो उसके लाभ ही लाभ है। लेकिन वही चाय बिना कोई संतुलन रखे अपने स्वादानुसार पीने लगे तो उससे बड़ा घातक आसर कुछ नहीं हो सकता। केवल चाय ही क्यों बदनाम हो, दुनिया की कोई भी  Ayurvedic दवा बिना संतुलन अनलिमिटेड पीयेंगे तो यही हाल होने वाले है। 

डॉक्टर्स, न्यूट्रीशनिस्ट और Tea maker की सलाह को माने तो व्यक्ति को दिन में केवल 3-4 साधारण Tea cup ही चाय पीनी चाहिए इससे ज्यादा Tea पीने से होने वाले नुकसान तो आप उपर पढ ही चुके है। 

अंत मे मैं यह कहना चाहता हूँ मित्रों की इस विध्वंसकारी आधुनिक समय में नाज़ुक स्वास्थ्य प्रकृति के चलते हम बेहद लाभकारी चाय को केवल हज़म नहीं कर पाने की वजह से अपने जीवन में केवल आदरातिथ्य तक सीमित रख रहे है।

लेकिन Hindi Hints की इस पोस्ट चाय पीने के विशेष फायदे और नुकसान - Tea drinking benefits and loss Hindi को पढने के बाद मै आशा करता हूँ की आप जीवन में चाय का स्थान दवाई के रूप मे कायम रखेंगे। आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखना। पोस्ट को रूचि पूर्वक ध्यान से पढने के लिए दिल से धन्यवाद!


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