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मोबाइल की लत कैसे छोड़े? - How to quit Mobile addiction? in Hindi

मोबाइल की लत कैसे छोड़े? - How to quit Mobile addiction? in Hindi

Mobile addiction दुनिया की सबसे लेट्स लत है। स्मार्टफोन की जो बच्चों से लेकर बुढों तक ग़रीब से लेकर अमीर तक सबको पछाड़ चुकी है। आप देखेंगे नीचे के बाकी छह एक विशिष्ट उम्र मे लगते है किंतु मोबाइल की लत ने तो दूध पीते बच्चे को भी नहीं छोड़ा। क्या आप भी मोबाईल की लत से परेशान है? तो मोबाइल की लत कैसे छोडे? - How to quit Mobile addiction? in Hindi लेख को अंत तक जरूर पढीए।

 

How-to-quit-Mobile-addiction-Hindi

मोबाइल की लत के लक्षण - Symptoms of Mobile addiction in Hindi

गेमिंग की वजह से मोबाइल की लत कम उम्र के बच्चों को बहुत जल्द लगती है। लेकिन एक संशोधन मे यह बात निकल कर सामने आयी है की लगातार कम जगह पर आँखे टिकी होने के कारण बच्चों की आंखों की पुतलियों का विकास नहीं होता इसलिए उन्हे कम उम्र में चष्मे लग रहे है। या फिर वह सिधे अंधे होते जा रहे है। 

किशोर आयु के बच्चे पबजी जैसे हिंसक खेल के आधिन हो जाते है जिससे उनका कच्ची उम्र के कारण मानसीक स्वास्थ्य बिघडता है और वह धीरे-धीरे तनाव और डिप्रेशन के शिकार हो जाते है। 

प्रौढ़ व्यक्ती मोबाइल के लत के कारण अपने जीवन मे, अपनी कमाई में और सामाजीक प्रतिष्ठा मे कभी उन्नती नहीं कर पाते। ऑक्सिडेंट हो जाते है। नौकरियां चली जाती है। रिश्तों में दरारे तक पड जाती है। बुढों के आंखों की रोशनी जल्दी चली जाती है। और Mobile addiction से वह कभी-कभी पागल पण या विस्मृती के शिकार भी हो सकते है। क्योंकि उन्हे आदत पड जाती है अपनी हर बात मोबाइल रिमाइंडर के सहारे करने की...।

ज्यादा मोबाइल चलाने से कौन सी बीमारी हो सकती है?

ज्यादा मोबाइल चलाने से आजकल नोमोफोबिया नाम की मानसिक बीमारी का सामना करना पड रहा है। जो लगभग 70 से 90% स्मार्टफोन यूजर्स को इसने अपने चपेट मे ले लिया है। आइये इस बिमारी के बारे मे विस्तार से जानते है। 

नोमोफोबिया क्या है? - What is Nomophobia? in Hindi

नोमोफोबिया अर्थात मोबाईल फोबिया, मोबाईल के जादा उपयोग करने से, Mobile addiction से यह रोग लग जाता है। एक जानकारी अनुसार मोबाईल की लत के शिकार लोगों मे अब-तक 90% से ज्यादा को इस रोग ने अपने चपेट में लिया है।  इस फेबिया के लक्षण को पढने के बाद हम में से बहुत लोगों को पता चलेगा की हमें यह रोग अब तक हुआ है या नहीं। 

नोमोफोबिया के लक्षण - Symptoms of Nomophobia in Hindi

नोमोफोबिया को रिंग एंजाइटी भी कहा जाता है, क्योंकि कि इससे ग्रासीत व्यक्ति को अचानक मोबाईल की रिंगटोन सुनाई देती है उसे लगता है अपना फोन बजा है या मैसेज आया है। लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता इस रोग के कारण वह केवल एक अभास होता है। 

रोग का दूसरा रिएक्शन व्यक्ति बार-बार अपना मोबाईल चेक करना। दरसल इस रोग के कारण व्यक्ति को हमेशा यह डर सताता है की कहीं मेरा मोबाईल गुम तो नहीं गया? इसी खयाल के बार-बार आने से वह अपना मोबाईल चेक करते रहता है और एखाद समय उसने अपना मोबाईल कहीं दूर रख दिया और तुरंत जहाँ ढुँडे वहाँ ना मिले तो हार्ट मे ज़ोर से धड़कन होती है। उसके हाथ पैर ढिले पड जाते है और पसीना छुटता है। 

तीसरा लक्षण वह अपने स्मार्टफोन के बिना एक मिनट भी जी नहीं सकता व्यक्ति बेचैन हो जाता है, किसी काम मे मन नहीं लगता बार-बार मोबाइल की याद आती है। उसके फीचर्स की या एप्लीकेशन्स की तुरंत जरूरत महसूस होती है। जीवन अधूरा सा लगने लगता है। और कभी-कभी व्यक्ति पागलों जैसी हरकते भी करने लगता है। 

चौथा इस बीमारी मे लगभग 50 प्रतिशत लोग जिनका मोबाईल कोई चेक करे तो निराश और नाराज़ हो जाते है। कुछ लोगों को लगता है अपना भेजा गया  मैसेज आगले वाला पढे या कोई सोशल मीडिया की पोस्ट को लाइक करे। इसके लिए वह बार-बार अपना मोबाइल चेक करता है। 

अगर ऐसे लक्षण आप मे छोटे या बड़े पैमाने पर दिखने लगे तो आप को तुरंत Mobile addiction  से बचने की आवश्यकता है। वरना आगे चलकर यह  गंभीर बीमारी का रूप ले सकते है। 


 मोबाइल के लत से बचने के उपाय - Tips to avoid Mobile addiction in Hindi 

Smartphone addiction से बचने के लिए मोबाइल देखने की आदत छोड़नी होगी और मुझे लगता है यह बाकी शराब, तम्बाकू, सिगरेट जैसे शारीरिक व्यसनों जीतना कठीण काम नहीं है। बस उसके लिए कुछ उपाय जानने की और अमल में लाने की जरूरत है। 

मोबाइल देखने की आदत कैसे छुड़ाएं? - Mobile dekhne ki aadat kaise chhode? Hindi

मोबाइल देखने की आदत छोड़ने के लिए सबसे पहले उसे बेच दे और बटन वाला साधारण मोबाईल युज करे। कुछ हफ्तों तक तडपन बेचैनी होगी फिर धीरे-धीरे हालात सामान्य हेते जाएँगे इस बीच अस्थाई मनोरंजन के साधनों मे मन लगाये जैसे टेप रेकॉर्डर पर गाने सुनना, न्यूज़ पेपर मे चुटकुले पढ़ना। आदी

आप फोन की सभी एप्लिकेशन के 

अगर आप Smartphone नहीं बेच सकते तो आप उन एप को डिलीट कर दे जो आप को बार-बार मोबाईल की ओर खिंचते है। सुबह जल्दी उठकर आंखे खोलने से पहले 5 मिनट यह संकल्प मन में दोहराए की "मैं अपने मन का राजा हूँ, मुझे कोई वस्तु, सेवा कभी अपना ग़ुलाम नही बना सकती।"  ऐसा 30 दिन तक करने के बाद चमत्कार देखना आपकी मोबाइल की लत 100% छूट जाएगी।

 Mobile addiction से बचने के  लिए दूसरा प्रयोग आप को थोडा अटपटा लगेगा लेकिन है बड़ा उपयोगी। और इसके पिछे का लॉजिक यह है की मनुष्य का अंतर मन जो भी बात गहराई से सुन लेता है मनुष्य का स्वभाव वैसे ही बनता है। इसलिए गहरा सकारात्मक चिंतन कर सकते हैं लेकिन में उससे भी आसान प्रयोग बताता हुँ। 

आप जब भी गहरे नींद मे सो रहे हो तब यह प्रयोग करना है। अपने परिवार में से किसी एक बडे व्यक्ति को बताये की मैं जब सो जाऊँ तो मुझे साधारण आवाज़ मे नाम से पुकारे अगर मैं ना उठुँ तो समझ लो मैं गहरे नींद में हूँ। तब कान के पास आकर स्पर्श ना करते हुए तीन-चार बार  कहे... 

" स्मार्ट फोन मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आत, केवल बटन के वाले मोबाईल ही बहुत अच्छे और टेन्शन फ्री होते है।"  

यह प्रयोग लगातार आठ दिन तक करवाते रहे। फिर देखना चमत्कार आप स्मार्टफोन से स्वयं नफरत करने लगेंगे। 90% तक यह प्रयोग सफल होने की संभावना है। 

लेकिन सावधानी यह हो की जो वाक्य कान में बोलने के लिए निश्चित किया गया है वही बोलने को और दोहराने को कहे वरना कुछ गलत बोल दिये तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड सकते है। और यह प्रयोग केवल बड़ों के लिए ही करें बच्चों के बारे मे कोई भी रिक्स ना ले। 

बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें? - How to keep kids away from mobile? in Hindi

अंतिम उलझन यह है की हम बडे तो किसी तरह Mobile addiction  से छूट जाएंगे किंतु बच्चों को कैसे दूर रखे? जबकि वह बहुत जिद्दी होते है। देखिये बच्चों का आप लाड दुलार बिल्कुल करे लेकिन जो बात उनकी सेहत और जीवन पर असर करती हो उस पर तुरंत पाबंदी लाना चाहिए। 

बच्चों को अच्छे बुरे की पहचान नहीं होती इसलिए हमे ही पहली बार उनके हाथ में मोबाईल देने से पहले 100 बार सोचना चाहिए। 

अपने से शुरू करे

बच्चे हमेशा बड़ों का अनुकरण करते है। उनमें जन्म से लेकर कुछ नया सीखने और दिखने की होड़ मची रहती है ऐसे में हम अगर उनके आगे बिना कॉलिंग की जरूरत के बार-बार अनावश्यक मोबाइल देखेंगे तो उन्हें भी उसके बारे में देखने की इच्छा जागृत होगी। इसलिए जितना हो सके हमे बच्चों के आगे मोबाइल कम ही यूज करना चाहिए। 

बच्चों को दादा-दादी की आदत डालें

घर के बुजुर्गों के पास काफी समय होता है ऐसे में हमें बच्चों को उनके साथ रहने की आदत डालनी होगी वह बच्चों का मनोरंजन भी करेंगे उन्हें कहानियां, चुटकुले आदि भी सुनाएंगे और उनके साथ खेलेंगे भी जिससे बच्चों को स्मार्टफोन की याद नहीं आएगी। 

स्मार्टफोन को संभाले 

स्मार्टफोन बच्चे तभी देखते हैं जब उन्हें उन्हें उनकी पसंद की कुछ चीजें दिखाई दे, जैसे गेम्स, कार्टून शो, मनोरंजन के वीडियो, एनीमेशन आदि। एक बात पर गौर किया जाए तो बडों को उनकी पसंद में बहुत कम दिलचस्पी होती है तो क्यों ना हम अपने मोबाईल से वह सब चीजें हटा दे जो बच्चों को पसंद हो। हमारे काम के जो एप्लीकेशन है उन्हे तो वो खोलेंगे भी नही। और इस तरह उन्हे कुछ दिन बाद स्मार्टफोन नीरस लगने लगेगा। बस उन्हे प्ले स्टोर से डाउनलोड करने का तरीका ना सिखाये। 

बच्चों की दिनचर्या संतुलित बनाये

बच्चों के लिए हम जीन बातों को मना करेंगे बच्चे उन्ही की तरफ ज्यादा आकर्षित होते है। इसलिए कीसी चीज का उनके लिए तीव्र विरोध करने के बजाए उन्हे करने दे मगर समय का की पाबंदी लगा दे और धीरे-धीरे उसे बढा दे। जैसे टिवी पर चार कार्टून शो देखते है तो केवल दो की ही परमीशन दे। मोबाईल दो घंटे देखते है तो उनका समय कम कर दे उसके बदले उन्हे बाहर ग्राउंड में खेलने को कहे। 

इस तरह आप अपने बच्चों को Mobile addiction से बचा सकते है। इसके अतिरिक्त एक खास वीडियो भी इस विषय पर आप के लिए हम ने ढूंढा है , जरूर देखे...


आशा करता हूँ की आप Hindi Hints की इस पोस्ट से मनुष्य को ग़ुलाम बनाने वाली  मोबाइल की लत कैसे छोड़े? - How to quit Mobile addiction? in Hindi के बारे में पुरी तरह परिचित हो चुके होंगे।  आप इस लेख में बताए गए सभी ट्रिक अपनाओगे तो गारंटी से आप का फायदा होगा। आर्टिकल पसंद आया हो तो आप अपनी बात  ज़रूर कमेंट बॉक्स में लिखना ना भूले। ध्यान से पढ़ा है  इसलिए दिल से धन्यवाद!

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