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बीमा क्लेम कैसे करें? - Insurance claim process Hindi

दोस्तों हजारों बीमा कंपनियां विभिन्न सुविधाओं का लालच देकर हमारा बीमा कराती है लेकिन जब हम दुर्घटना वश उनके दावे के पात्र बन जाते है तो भुगतान के समय वह अपने Terms & Conditions को आगे करती है जो हमे एजेंट द्वारा नही बताया जाता या छुपाया जाता है। ऐसे मे हमे बीमा क्लेम कैसे करें?-Insurance claim process hindi प्रक्रिया क्या है? पता होना जरूरी है। 


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इंशुरंस क्लेम क्या है? - What is Insurance claim? 

दोस्तों इंशुरंस क्लेम उसे कहते है जिस उद्देश्य से व्यक्ति का बीमा करवाया गया है अगर वह उस उद्देश्य के पात्र हो जाये तो व्यक्ति को बीमा की रकम मीलनी तय थी उसका लाभ उसे दिया जाए उसे  Insurance claim कहते है। यह बीमा दावा प्रक्रिया ( Insurance claim  process ) दो प्रकार का होता है। 

परिपक्वता राशि पर दावा - Insurance maturity claim process Hindi 

व्यक्ति जब बचत और सुरक्षा के उद्देश्य से Insurance की किस्तें भरता है और उसकी निश्चित अवधि से पहले कोई दुर्घटना ना हो तो समय सीमा पर परिपक्वता के बाद उस व्यक्ति ब्याज सहीत जो रकम मिलती है उसे Maturity claim कहते है।

इस राशि पर दावा करने के लिए व्यक्ति को विशेष रूप से तय सीमा तक किस्तें भरना अनिवार्य है। यदि वह कुछ किस्तें चुका कर परिस्थिति वश छोड़ देता है तो उसे तय सीमा पूर्ण होने के बाद हि वह रकम कुछ ब्याज सहित वापस मिलती है। लेकिन सुरक्षा गारंटी से संबंधित सभी लाभ बंद हो जाते है। 

दुर्घटना के बाद सुरक्षा राशि पर दावा - Insurance claim process after accident Hindi 

दूसरा  Insurance claim  process का प्रकार है दुर्घटना या अकाली मृत्यु के बाद बीमा राशि पर दावा। बीमा पॉलिसी की नियम अनुसार दुर्घटना के लिए जो भी शर्तें होती है उन्हे हमे बीमा चालू करने से पहले पढ लेना चाहिए और जबतक बीमा एजेंट सभी शर्तों से हमे अवगत नहीं कराता तब तक बीमा नही उतारना चाहिए। 

अगर हमारी दुर्घटना उन शर्तों के पात्र होती है तो हि हम सुरक्षा राशि पर दावा कर सकते है। इसलिए कठिन शर्तों वाला बीमा कभी ना उतारे। 

Insurance claim Example

दोनों Insurance claim के प्रकार पर हम एक उदाहरण LIC दावा प्रक्रिया द्वारा मिलने वाले लाभ से देखेंगे। 

समझ लो किसी ने  LIC की टेबल नंबर 933 वाली जीवन लक्ष्य नाम की पॉलिसी ( Jivan lakshy Policy ) मे 30 वर्ष आयु के व्यक्ति ने 21 सालों के लिए वार्षिक 54,289 रकम की किस्तें 18 सालों के लिए भरी है तो उसे 21 वर्ष पूर्ण होते ही करीब 2066000 रूपये तक की परिपक्वता राशि मिलती है।

अगर बीच मे हि दुर्घटना से मृत्यु हो जाये तो उसी समय 10 लाख रूपये मिलते है और आगे बीमा परिपक्वता मे जीतने साल बचे है वहां तक हर साल परिपक्वता के 10% मिलते रहेंगे। और अंत मे सभी किस्तें माफ़ होकर परिपक्वता की संपूर्ण राशि मिलती है। या फिर शरीर के अंगों का नुकसान हो तो उसमे तय नियम अनुसार रकम मिलती है। और अंत मे बीमा राशि का पुरा परिपक्वता लाभ 20,66000 भी प्राप्त होता है। 

इसके अतिरिक्त समय से पहले आप पॉलिसी बंद कर के अपनी जमा रकम वापस लेना चाहते है तो उसे Maturity claim नहीं कहा जाता बल्की Policy surrender कहा जाता है। 

Policy surrender क्या होता है? 

जब कोई व्यक्ति अपने निजी समस्या के कारण बीमा की किस्तें चुकाना बंद करता है और अब तक जमा की गयी रकम को भी वापस लेना चाहता है तो वह अपनी पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है। इसी को पॉलिसी सरेंडर या फिर Insurance surrender भी कहा जाता है। 

इंशुरंस सरेंडर कभी भी पहले वर्ष में नहीं कर सकते वैसे विभिन्न Insurance policy के विभिन्न सरेंडर नियम हो सकते है लेकिन हम LIC policy बात करे तो आम तौर पर 10 वर्ष के उपर के प्लान मे 3 साल पूर्ण किस्तें चुकाने के बाद ही व्यक्ति सरेंडर पात्र बनता है। और 10 वर्ष तक का Maturity claim प्लान हो तो 2 वर्ष के बाद सरेंडर पात्र बन सकते है। 

सरेंडर के लिए अर्थात पॉलिसी बंद करने के लिए एक आवेदन पत्र के साथ ओरिजनल Policy bond, बैंक अकाउंट का डिटेल और बैंक पास बुक के फ्रंट पेज का झेरॉक्स, पॉलिसी सरेंडर फार्म, NEFT फार्म,  पेमेंट रिक्वेस्ट, पैन कार्ड और आधार जैसा आईडी प्रूफ भी जोड़ना होता है। 

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मृत्यु के बाद बीमा क्लेम कैसे करे? - Death Insurance claim process Hindi

जब किसी बीमा धारक व्यक्ति की दुर्घटना मे मृत्यु हो जाती है तो उसके उत्तराधिकारी को बीमे की तय राशि मिलती है लेकिन उसके लिए उसपर Insurance claim  process अर्थात दावा करना जरूरी होता है। जैसे मौत के बाद एलआईसी दावा प्रपत्र होता है। 

उसके लिए प्रथम बीमा क्लेम आवेदन फार्म भरना जरूरी होता है। जिसमें पॉलिसी नंबर, मौत की तारीख, मृत्यु का स्थान और मृत्यु की वजह दर्ज करना होता है। 

उस आवेदन के साथ बिमीत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र, उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र (Nominee certificate), अस्पताल का पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस FIR की प्रतिलिपि और बीमा से संबंधित सभी दस्तावेज़ जोड़ना जरूरी होता है। इन सभी दस्तावेजों के साथ सही आवेदन देने के लगभग 30 दिन तक बीमा कंपनी बिमे की रकम जारी करती है। 

गाड़ी का बीमा क्लेम कैसे करे? - Motor Insurance claim process Hindi

किसी सड़क दुर्घटना में अपनी गाड़ी का नुकसान होता है तो उसके लिए गाड़ी का बीमा क्लेम करने की जानकारी कुछ इस प्रकार है। 

सबसे पहले बीमा क्लेम आवेदन फार्म भरे जिसमें दुर्घटना की तारीख, समय और स्थान का विवरण भरे उसके बाद दुर्घटना का कारण और जीन गाड़ियों के साथ टकराव हुआ है उनके मॉडल नंबर तथा गाड़ी नंबर आदि लिखे। 

फॉर्म के साथ में गाडी का पंजीकरण पुस्तक (RC Book), ड्रायव्हींग लायसन, पुलिस रिपोर्ट आदि संलग्न करे। मामला अगर गाडी चोरी का हो तो FIR के साथ आरटीओ ट्रांस्फर सर्टीफिकेट भी जोड़ना पड़ता है। कुछ मामलों मे बीमा कंपनी जाँच-पड़ताल के लिए गवाहों के नाम और फोन नंबर्स की भी डिमांड रखती है। एक्सीडेंट क्लेम केस मे थर्डपार्टी क्लेम के लिए दस्तावेजों को आप को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) के पास भेजना पड़ता है। 

स्वास्थ्य बीमा क्लेम कैसे करे? - Health Insurance claim process Hindi

स्वास्थ्य Insurance claim  process के दो प्रकार होते है।

पहला प्रकार :

पहले मे बीमा कंपनी के अनुमति प्रदान विविध अस्पताल होते है। जहाँ पर इलाज करवाना अनिवार्य होता है वहाँ बीमा के लाभ से संबंधित दस्तावेज़ में अधिकृत फार्म होता है। उसे सही तरीके से भरना होता है। उसके बाद बीमा कंपनी इलाज का सभी बिल चुकाती है या जितना पर्सेंटेज तय है उतना लाभ मिलता है। 

दूसरा प्रकार :

दूसरे प्रकार मे बिमीत व्यक्ति को अस्पताल का बिल स्वयं भरना होता है। और बाद में Insurance claim form के साथ अस्पताल का बिल, टेस्ट रिपोर्ट, अस्पताल से Discharge certificate आदि दस्तावेज़ संलग्न करके आवेदन करना पड़ता है। 

आशा करता हुँ की Hindi Hints की इस पोस्ट से आप को Insurance claim process Hindi अर्थात बीमा राशि पर दावा कैसे करे? इस बारे में आवश्यक जानकारी मिल चुकी होगी। अगर आपको यह जानकारी फायदे लायक लगे या कोई अन्य सुझाव हो तो अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखे। आर्टिकल को ध्यान से पढने के लिए आपका दिल से बहुत बहुत धन्यवाद! 

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